नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता नावकोठी/बेगूसराय
बढ़ते बिजली बिल और बार-बार होने वाले पावर कट से परेशान लोगों के लिए सोलर पैनल एक बेहतरीन विकल्प है। इससे न सिर्फ बिजली का खर्च कम होता है, बल्कि घर की ऊर्जा सुरक्षा और वैल्यू भी बढ़ती है।
नावकोठी विद्युत विभाग के कनीय अभियंता विमल कुमार साहा ने कहा कि सोलर पैनल लगाने के कई बड़े फायदे हैं। सोलर पैनल लगाने वाले उपभोक्ताओं को बिजली बिल से काफी हद तक राहत मिल सकती है। वहीं, सरकारी सब्सिडी मिलने से सोलर सिस्टम लगाने की शुरुआती लागत भी कम हो जाती है।
उन्होंने बताया कि गर्मी बढ़ते ही बिजली की खपत तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में लंबे पावर कट और हर महीने आने वाला भारी बिजली बिल लोगों के बजट को प्रभावित करता है। इस समस्या से परेशान लोगों के लिए सोलर पैनल एक अच्छा और स्थायी विकल्प बनकर सामने आया है। यही कारण है कि लोग तेजी से सोलर सिस्टम की ओर रुख कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि छत पर लगाए गए सोलर पैनल न सिर्फ घर की जरूरत के अनुसार बिजली तैयार करते हैं, बल्कि घर की वैल्यू और ऊर्जा सुरक्षा भी बढ़ाते हैं। बिजली कंपनियां समय-समय पर बिजली दरों में वृद्धि करती रहती हैं, जिससे बिजली का खर्च लगातार बढ़ता है। ऐसे में सोलर पैनल लगाने के बाद घर की जरूरत की काफी बिजली सूरज की रोशनी से तैयार हो जाती है। इससे हर महीने का बिजली बिल काफी कम हो जाता है और लंबे समय में अच्छी बचत होती है।
उन्होंने बताया कि कई जगहों पर आज भी लंबे समय तक बिजली कटौती होती है। यदि सोलर सिस्टम के साथ बैटरी बैकअप भी हो तो बिजली जाने के बाद भी पंखे, लाइट और अन्य जरूरी उपकरण चलते रहते हैं। इससे गर्मी और अंधेरे की परेशानी काफी कम हो जाती है।
उन्होंने कहा कि सोलर पैनल का एक और बड़ा फायदा यह है कि इसे अधिक देखभाल की आवश्यकता नहीं होती। केवल समय-समय पर इसकी सफाई और जांच करनी होती है। सामान्य रूप से सोलर पैनल 25 से 30 वर्ष तक चलते हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार सोलर सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं के तहत सब्सिडी और आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे सोलर सिस्टम लगाने की शुरुआती लागत काफी कम हो जाती है।
उन्होंने कहा कि सोलर ऊर्जा पूरी तरह स्वच्छ और ग्रीन एनर्जी है। इससे प्रदूषण नहीं होता और कोयले पर निर्भरता भी कम होती है। सोलर पैनल लगाने के बाद घर में बिजली का उत्पादन स्वयं होने लगता है, जिससे बिजली कंपनियों पर निर्भरता घटती है और बढ़ते बिजली बिल की चिंता भी काफी हद तक कम हो जाती है।


