नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता बेगुसराय
राजकीय अयोध्या शिव कुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास त्रिपाठी ने कहा कि गलत खान-पान और बदलती जीवनशैली के कारण देश में हृदय रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बच्चों को फास्ट फूड से दूर रखने की सलाह दी।
होटल संस्कार वाटिका में हृदय रोग पर आयोजित चिकित्सक-वैद्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास त्रिपाठी ने हृदय रोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोगों का आहार तेजी से बदल रहा है। खान-पान में आए बदलाव के कारण हृदय रोगियों की संख्या में भी तेजी से वृद्धि हो रही है।
उन्होंने फास्ट फूड सहित कई तरह के खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह देते हुए कहा कि स्वस्थ रहने के लिए हमें अपनी पुरानी जीवनशैली की ओर लौटना होगा। आयुर्वेद के आचार्यों द्वारा बताए गए ऋतुचर्या और दिनचर्या को अपनाकर हृदय रोग से बचाव किया जा सकता है।
आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. लाल कौशल कुमार ने आयुर्वेद के शास्त्रों में वर्णित विभिन्न प्रकार के हृदय रोगों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में हृदय को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान और जीवनशैली को महत्वपूर्ण माना गया है।
जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिलीप कुमार वर्मा ने कहा कि आने वाला समय आयुष चिकित्सा का है। भारत सरकार और बिहार सरकार द्वारा जिस तेजी से आयुष चिकित्सा के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है, उससे आने वाले एक-दो वर्षों में यह चिकित्सा पद्धति नई ऊंचाइयों को छुएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने आयुष की सभी पद्धतियों आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथी को आगे बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है।
महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. दिनेश कुमार ने हृदय रोग में अर्जुन के पौधे की उपयोगिता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अर्जुन के पौधे में हृदय रोग से संबंधित उपचार में उपयोगी गुण पाए जाते हैं। उन्होंने अर्जुन के पौधे की विभिन्न दिशाओं में गई शाखाओं की चर्चा करते हुए दिशाओं के आधार पर उसके चिकित्सा सूत्र के बारे में जानकारी दी।
प्राध्यापक डॉ. रामनंदन साहनी ने हृदय रोग में “लिपिस्टेट” की चर्चा करते हुए इसे उपयोगी बताया। वहीं रीजनल हेल्थ केयर एडवाइजर डॉ. नितेश कुमार पांडे ने हृदय रोग की विस्तार से व्याख्या करते हुए आमपाचक, लिपिस्टेट आदि विषयों पर चर्चा की।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास त्रिपाठी, जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिलीप कुमार वर्मा, डॉ. लाल कौशल कुमार, डॉ. सुभाष चंद्र आर्य, डॉ. किश्वर सुल्ताना, डॉ. अनिल विश्वकर्मा, डॉ. उर्वशी सिन्हा, डॉ. रामनंदन साहनी, डॉ. दिनेश कुमार समेत कई चिकित्सकों एवं वैद्यों को सम्मानित किया गया।
संगोष्ठी में आदित्य कुमार वत्स, प्रणय प्रसून, रंजन कुमार एवं ऋतुराज ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा हृदय रोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपनी बातें रखीं।


