गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
बेगूसराय जिला खेल पदाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी एक पत्र के बाद बखरी क्षेत्र में खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। पत्र में उत्क्रमित उच्च विद्यालय, चकहमीद (बखरी) के खेल मैदान में संचालित एक निजी क्रिकेट अकादमी को बंद कराने का निर्देश दिया गया है। यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की जा रही है।
इस निर्णय को लेकर स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं। खेल प्रेमियों का कहना है कि यदि अकादमी के संचालन में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन यदि मामला व्यक्तिगत विवाद या आपसी रंजिश से जुड़ा है, तो खेल गतिविधियों को प्रभावित करना उचित नहीं माना जा सकता।
स्थानीय लोगों के अनुसार, विद्यालय के पठन-पाठन समय में अकादमी का संचालन नहीं होता है। उनका दावा है कि अकादमी केवल विद्यालय अवधि समाप्त होने के बाद संचालित होती है, जिससे न तो शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं और न ही सरकारी संपत्ति को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचता है।
क्षेत्र के खेल प्रेमियों का कहना है कि एक ओर बिहार सरकार तथा खेल मंत्री श्रेयसी सिंह राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर खेल गतिविधियों को बाधित करने की कोशिशें खिलाड़ियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं।
जानकारों का मानना है कि यदि क्रिकेट अकादमी में कोई नियम-विरुद्ध कार्य हो रहा है, तो प्रशासनिक जांच के बाद उचित निर्णय लिया जाना चाहिए। लेकिन यदि यह मामला केवल व्यक्तिगत विरोध या आपसी विवाद का परिणाम है, तो इसका सीधा असर उन बच्चों और युवाओं पर पड़ेगा जो खेल के माध्यम से अपना भविष्य बनाने का सपना देख रहे हैं।
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाए, ताकि खेल और खिलाड़ियों के हित सुरक्षित रह सकें तथा किसी भी निर्दोष खिलाड़ी का भविष्य प्रभावित न हो।
