नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता बेगूसराय
चेरिया बरियारपुर प्रखंड मुख्यालय के सामने जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बारिश के दौरान नाले का गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी सड़क पर फैल जाने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंचायत के जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों की उदासीनता के कारण समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है।
यह सड़क एसएच-55 से चेरिया घाट को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों और राहगीरों का आवागमन होता है। करीब 50 मीटर तक सड़क पर जलजमाव और कीचड़ रहने से लोगों को पैदल चलने में कठिनाई होती है। कई बार फिसलकर चोट लगने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पूरे बाजार का पानी उनके घरों में घुस रहा है। उनके अनुसार जल निकासी की समस्या दूर करने के लिए नाला का निर्माण कराया गया था, लेकिन निर्माण कार्य में कथित अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण कुछ ही महीनों में नाला कई स्थानों पर टूटने और उखड़ने लगा। इसके चलते नाले से पानी की निकासी बंद हो गई और बारिश के समय सड़क पर जलजमाव की स्थिति बन जाती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस संबंध में कई बार प्रखंड विकास पदाधिकारी को लिखित एवं मौखिक शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।
जलजमाव और गंदगी के कारण क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या का असर सामाजिक जीवन पर भी पड़ रहा है। शादी-विवाह सहित अन्य आयोजनों में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
पूर्व मुखिया रामदेव पौद्दार, ग्रामीण मनोज कुमार चौधरी एवं सोनू कुमार सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से सड़क और नाला निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा नाला की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

