गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
छठ महापर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सभी घाटों के निरीक्षण और भौतिक सत्यापन के बाद प्रशासन ने 55 छठ घाटों में से छह घाटों को अत्यंत खतरनाक घोषित करते हुए वहां अर्ध्यदान पर प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं, पांच घाटों को अतिसंवेदनशील और तीन घाटों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।
खतरनाक घोषित घाटों की सूची
सीओ राकेश कुमार ने बताया कि नगर परिषद स्थित पंचमुहा पुल घाट, घाघड़ा पंचायत का बदिया मोईन घाट, बहुआरा पंचायत का बुढ़ी गंडक नदी घाट, सती स्थान मोईन घाट, ठाकुरवाड़ी से पूरब गंडक नदी घाट और परिहारा का खलीफा बाबा स्थान घाट को खतरनाक मानते हुए प्रतिबंधित कर दिया गया है।
अतिसंवेदनशील और संवेदनशील घाट
वहीं बागमती नदी का बैरबा घाट, शकरपुरा घाट, बड़ी ठाकुरवाड़ी सलौना, मोहनपुर पंचायत का बड़ी पतिया घाट अकहा और खसिया घाट मोहनपुर को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। इसके अलावा ढाला चौक स्थित आशा पोखर, श्रीविश्वबंधु पुस्तकालय तालाब और चन्द्रभागा नदी का निशिहारा मोईन घाट को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।
एसडीएम ने दिए सुरक्षा निर्देश
एसडीएम सन्नी कुमार सौरव ने बताया कि प्रतिबंधित घाटों पर व्रतियों को अर्ध्यदान करने की सख्त मनाही होगी। इन घाटों पर प्रतिबंध से संबंधित पोस्टर और बैनर लगाए जाएंगे तथा माइकिंग के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। अर्ध्य के दिन इन घाटों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती रहेगी, जो भ्रमणशील रहकर स्थिति पर नजर रखेंगे।
साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था जारी
एसडीएम ने बताया कि सभी छठ घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और बैरिकेडिंग का कार्य तेजी से जारी है। अर्ध्य के समय गोताखोरों की टीम तैनात रहेगी, जबकि एडीआरएम की टीम भी अनुमंडल मुख्यालय में उपलब्ध रहेगी ताकि किसी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल सुरक्षित घाटों पर ही अर्ध्यदान करें और किसी भी तरह की अफवाह या जोखिम भरे स्थल पर न जाएं।
