गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
क्षेत्र के प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं रिटायर्ड प्रधानाध्यापक गौड़ीशंकर प्रसाद केसरी की आठवीं पुण्यतिथि पर बिहार पेंशनर समाज, बखरी इकाई की ओर से श्रद्धांजलि सभा सह परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डाॅ. विष्णुदेव महतो ने की।सभा को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष दिलीप केसरी ने कहा कि अभावों में पले-बढ़े होने के बावजूद गौड़ीशंकर जी ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया।पूर्व सरपंच राजीव नंदन ने कहा कि गौड़ी, गणेश और चतुरानन जैसे शिक्षकों ने बखरी जैसे अभावग्रस्त इलाके में शिक्षा की ज्योति जलाकर समाज को नई दिशा दी।
पेंशनर समाज, बखरी के सचिव विजय कुमार सिंह ने भावुक होते हुए बताया कि जीवन के अंतिम क्षणों तक वे पेंशनरों के हितों के लिए सक्रिय रहे। पूर्व पार्षद एवं भाजपा जिला प्रवक्ता सिधेश आर्य ने कहा कि गौड़ी बाबू वस्तुतः बखरी की शैक्षणिक आकृति थे। उन्होंने दशकों पहले ही शिक्षा में नवाचार और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देकर क्षेत्र में शैक्षणिक क्रांति की नींव रखी।सभा के अंत में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मुकेश कुमार केसरी, एचएम-बेला पचरूखी विद्यालय एवं गौड़ी बाबू के पुत्र, ने कहा कि “बाबूजी स्कूल को हमेशा मंदिर समझा करते थे।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि बिहार पेंशनर समाज, बखरी के कार्यालय परिसर में शीघ्र ही गौड़ी बाबू की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। कार्यक्रम में डाॅ. ललितेश्वर प्रसाद, पूर्व पार्षद नीरज नवीन, प्रमोद केसरी, प्रेम किशन मन्नू, मुरारी ठाकुर, विमलेश पोद्दार, रामचंद्र केसरी, गोपाल सिंह, सुबोध साह, जयप्रकाश केसरी, कृष्कांधा, सुमन केसरी, कृष्णा प्रसाद केसरी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।परिचर्चा का संचालन शिक्षक कौशल किशोर क्रांति ने किया।
