गोपल्लव झा AV भारत न्युज संवाददाता वीरपुर/बेगुसराय
क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली बलान नदी में इन दिनों दर्जनों जेसीबी मशीनों की मदद से लगातार उड़ाही (गाद हटाने) का कार्य किया जा रहा है। बिहार सरकार की इस पहल से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का मानना है कि नदी की उड़ाही होने से भूजल स्तर में वृद्धि होगी, जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरणीय संतुलन भी मजबूत होगा।

बताया जा रहा है कि बलान नदी को उसके पुराने स्वरूप में लाने, नदी में वर्षों से जमी गाद को हटाने तथा जल संरक्षण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह कार्य कराया जा रहा है। वर्तमान में तेघड़ा प्रखंड के उत्तरी क्षेत्र पकठौल, पीपरा और परबंदा के साथ-साथ वीरपुर प्रखंड के जगदर, वीरपुर एवं बरैपुरा की ओर नदी में उड़ाही का कार्य चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, चरणबद्ध तरीके से बलान नदी के अन्य हिस्सों में भी यह कार्य कराया जाएगा।

पर्यावरणविदों का कहना है कि किसी भी क्षेत्र के लिए नदी उसकी जीवनरेखा होती है। यदि समय-समय पर नदियों की उड़ाही कर उन्हें संरक्षित किया जाए, तो उनमें जल का प्रवाह लंबे समय तक बना रहता है। इससे भूजल स्तर में सुधार होने के साथ-साथ कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, मखाना की खेती तथा अन्य रोजगारोन्मुख गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के लिए लाभकारी बताया है।


