नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता बेगूसराय
चेरियाबरियारपुर थाना कांड संख्या 121/2026 में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने तथा नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं किए जाने से नाराज पीड़ित ने बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक (एसपी) एवं डीआईजी को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन में अनुसंधान पदाधिकारी और थाना स्तर पर गंभीर लापरवाही, पक्षपातपूर्ण रवैये तथा अभियुक्तों को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई है।
आवेदनकर्ता रामबाबू यादव ने बताया कि 14 जुलाई 2026 को उनके साथ जानलेवा हमला, मारपीट और लूटपाट की घटना हुई थी। इस मामले में चेरियाबरियारपुर थाना कांड संख्या 121/2026 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं 115(2), 126(2), 109(1), 352, 351(2), 303(2) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पीड़ित का आरोप है कि हमले के दौरान लोहे की रॉड से किए गए वार में उनके कान का पर्दा फट गया और जबड़े की हड्डी टूट गई। इसके अलावा उनसे 70 हजार रुपये नकद और एक मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। उनका कहना है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक किसी भी नामजद अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं की गई है।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि मामले के अनुसंधान पदाधिकारी, पुलिस अवर निरीक्षक अफजल आलम द्वारा निष्पक्ष जांच नहीं की जा रही है। पीड़ित का कहना है कि उन्हें और प्रत्यक्षदर्शी गवाहों को कई बार थाना बुलाया गया, लेकिन बयान दर्ज करने के बजाय घंटों बैठाकर वापस भेज दिया गया। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि जांच को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि अभियुक्त पक्ष के प्रभावशाली लोगों से अनुसंधान पदाधिकारी की लगातार बातचीत होती रही है, जिसके कारण उनके प्रति नरमी बरती जा रही है। वहीं, अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं होने का लाभ उठाकर पीड़ित पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। इससे पीड़ित एवं उनके परिवार की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है।
पीड़ित ने एसपी एवं डीआईजी से मामले की उच्चस्तरीय समीक्षा कराने, अनुसंधान पदाधिकारी से स्पष्टीकरण लेने, उनकी कार्यशैली की विभागीय जांच कराने, निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी को सौंपने, सभी नामजद अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा अपने परिवार को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।


