गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
आईओसी बरौनी द्वारा जिले में विकास कार्यों के लिए सीएसआर फंड के तहत 31 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। इस राशि से जिले के विभिन्न हिस्सों में विकास योजनाएं संचालित की जाएंगी। लेकिन बखरी अनुमंडल को एक बार फिर इस योजना से बाहर रखा गया है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है। गौरतलब है कि 2 अक्टूबर को आईओसी बरौनी और जिला प्रशासन के बीच इस सीएसआर फंड के उपयोग को लेकर एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर हुआ था। इसके बावजूद बखरी को इस फंड के दायरे में शामिल नहीं किया जाना चिंता का विषय बना हुआ है।इस संदर्भ में सामाजिक कार्यकर्ता राजेश अग्रवाल ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि “बखरी जिला का दलित बहुल और सर्वाधिक पिछड़ा क्षेत्र है। यहां आज भी कई इलाके मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। बार-बार सीएसआर फंड से बखरी को अलग रखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अन्यायपूर्ण है।
उन्होंने जिला प्रशासन और आईओसी प्रबंधन से मांग की कि बखरी को भी सीएसआर योजनाओं में प्राथमिकता दी जाए ताकि यहां के पिछड़े इलाके भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनसंगठनों ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि अगर जल्द ही इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे।
