अशोक कुमार ठाकुर AV भारत न्युज संवाददाता तेघड़ा/ बेगूसराय
16 अक्टूबर गुरुवार को अनुमंडलीय अस्पताल, तेघड़ा के सभागार में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रामकृष्ण की अध्यक्षता में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के लिए “भव्य लाईट (HSC App)” पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
यह प्रशिक्षण पीरामल फाउंडेशन के सीनियर प्रोग्राम लीड श्री जयंत चौधरी द्वारा संपादित किया गया । प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य उपकेंद्रों के कार्यों का डिजिटल प्रबंधन सुदृढ़ करना, सेवा प्रदायगी में पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों की शुद्धता एवं समयबद्ध प्रविष्टि को सशक्त बनाना था।
प्रशिक्षण के दौरान श्री चौधरी ने Bhavya Lite App के विभिन्न मॉड्यूल्स की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह ऐप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं उपकेंद्रों में डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन, रोगी सेवाओं की निगरानी, और डेटा रिपोर्टिंग की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाने में सहायक सिद्ध होगा।
प्रमुख प्रशिक्षण बिंदु:
- ऐप में लॉगिन प्रक्रिया एवं OPD रजिस्ट्रेशन/कंसल्टेशन, वाइटल्स तथा लैब टेस्ट डेटा एंट्री की विस्तृत जानकारी।
- ABHA Creation एवं Scan & Share फीचर के माध्यम से रोगियों के डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफ़ाइल का निर्माण।
- रोगियों की स्वास्थ्य जानकारी के सुरक्षित एवं गोपनीय प्रबंधन की प्रक्रिया।
- टीकाकरण, मातृत्व सेवाओं एवं अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटल रिकॉर्ड रखरखाव की विधि।
- रिमाइंडर एवं अलर्ट फीचर्स के माध्यम से फॉलो-अप और सेवा की निरंतरता सुनिश्चित करने के उपाय।
- परिवार नियोजन संबंधित सामाग्री की इंडेन FPLMIS app के माध्यम से।
- समान्य दवाइयाँ की इंडेन DVDMS app के माध्यम से।
कार्यक्रम में ब्लॉक हेल्थ मैनेजर सुबीर पंकज, ब्लॉक कम्युनिटी मोबिलाइज़र शारदा कुमारी, ब्लॉक मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिसर (BM&EO) तथा फार्मासिस्ट की उपस्थिति रही। सभी प्रतिभागियों ने ऐप के तकनीकी पहलुओं को समझते हुए इसके फील्ड-स्तरीय उपयोग पर चर्चा की और अपने अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रामकृष्ण ने कहा कि “डिजिटल माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन में यह ऐप अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। इस प्रकार के प्रशिक्षण से स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यकुशलता बढ़ेगी तथा सेवा प्रदायगी की गुणवत्ता में निरंतर सुधार होगा।”
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं व्यावहारिक बताते हुए ऐसे तकनीकी उन्मुख प्रशिक्षणों को नियमित रूप से आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
