गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
बखरी अनुमंडल क्षेत्र के नावकोठी अंचल कार्यालय में दाखिल-खारिज प्रक्रिया के दौरान कूट रचना और षड्यंत्र का गंभीर मामला सामने आया है। समसा गांव की रहने वाली रूपम देवी ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, बेगूसराय के न्यायालय में परिवाद पत्र दाखिल कर अंचल अधिकारी नावकोठी, राजस्व कर्मचारी सहित छह लोगों पर आपराधिक कृत्य का आरोप लगाया है।
परिवादिनी के अनुसार उन्होंने मौजा समसा स्थित खाता संख्या 180, खेसरा संख्या 2116 की कुल 1 कट्ठा 14 धुर भूमि को 24 जनवरी 2024 को विधिवत केबाला दस्तावेज के माध्यम से खरीदा था और तब से उक्त भूमि पर उनका शांतिपूर्ण दखल-कब्जा है। भूमि का स्वामित्व उनके विक्रेता के परिवार के पास वर्ष 1939 से चला आ रहा है, जिसके दस्तावेज एवं खतियान रिकॉर्ड उपलब्ध हैं।रूपम देवी ने बताया कि भूमि के दाखिल-खारिज हेतु उन्होंने अंचल कार्यालय में आवेदन दिया था, जिसे आंशिक विवाद का हवाला देकर अस्वीकृत कर दिया गया। इसी दौरान भू-माफियाओं द्वारा कथित रूप से षड्यंत्र रचकर चांदनी कुमारी के नाम एक अन्य केबाला दस्तावेज प्रस्तुत किया गया, जिसे पहले अस्वीकृत किया गया था।
आरोप है कि बाद में दाखिल-खारिज वाद में दस्तावेज संख्या में कूट रचना कर खाता संख्या में संशोधन किया गया तथा बिना सक्षम प्राधिकारी के आदेश के ही राजस्व कर्मचारी द्वारा प्रतिवेदन देकर चांदनी कुमारी के पक्ष में दाखिल-खारिज स्वीकृत करा दिया गया। परिवादिनी का कहना है कि उनके द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों की अनदेखी की गई और अंचल अधिकारी ने दस्तावेज देखने से भी इनकार कर दिया।
परिवाद पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि अभियुक्तगण द्वारा जबरन भूमि पर कब्जा कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। थाना जाने पर भी कार्रवाई नहीं होने के कारण परिवादिनी को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।न्यायालय में दाखिल परिवाद में भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत संज्ञान लेने की मांग की गई है। मामले में गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्य भी संलग्न किए गए हैं।फिलहाल न्यायालय द्वारा परिवाद पर विचार किया जा रहा है। मामले को लेकर अंचल कार्यालय की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
