नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता बेगुसराय
मंझौल अनुमंडल क्षेत्र में किसानों की लहलहाती गेहूं की फसल जबरन जोते जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है।किसान महासभा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंझौल का दौरा कर पूरे मामले की जांच की और प्रशासनिक कार्रवाई को आपराधिक बताते हुए कड़ा विरोध जताया।
किसान महासभा ने एसडीओ मंझौल, सीओ,बीडीओ चेरियाबरियारपुर तथा मंझौल थानाध्यक्ष पर किसानों के खिलाफ गैरकानूनी और दमनात्मक कार्रवाई करने का आरोप लगाया।महासभा का कहना है कि 29 जनवरी को हाजिर होने के लिए कुछ जीवित और कुछ मृत लोगों के नाम से मात्र 24 घंटे पहले नोटिस जारी किया गया और इसके बाद किसानों की खड़ी गेहूं की फसल को जोत दिया गया, जो सरासर अन्याय है।
टीम में किसान महासभा के जिला सचिव बैजू सिंह, जिलाध्यक्ष नवल किशोर सिंह,शैलेन्द्र सिंह,मुक्तिनारायण सिंह और चन्द्रदेव वर्मा शामिल थे।मौके पर किसान मनोज सिंह, वीरेंद्र सिंह,ललन सिंह, रामानुज सिंह,सुशील कुमार,सुरेन्द्र सिंह, उपेन्द्र सिंह,पिंकू सिंह, सुरेश सिंह,कुन्दन कुमार,नवीन कुमार और शंभू सिंह मौजूद थे।इसके बाद टीम कुशमौत पंचायत पहुंची,जहां पंचायत के मुखिया पवन सदा और स्थानीय किसानों से मुलाकात की गई। किसानों ने एक स्वर में जमीन नहीं देने की बात दोहराई।किसान महासभा ने किसानों की इस एकजुटता का स्वागत करते हुए जमीन की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष तेज करने की अपील की। किसान महासभा ने चेतावनी दी कि यदि किसानों पर दमन और फसल नष्ट करने की कार्रवाई नहीं रुकी तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
