विजय भारती ब्यूरो AV भारत न्यूज बेगुसराय
भगवानपुर प्रखंड क्षेत्र की एक साधारण ग्रामीण महिला ने अपने साहस, मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदली, बल्कि आसपास की दर्जनों महिलाओं के लिए प्रेरणा की मिसाल भी बन गई। मोख्तियारपुर पंचायत के वार्ड संख्या 15 दोहटा टोला की निवासी विवक देवी ने संघर्षों से भरे जीवन को अपनी मेहनत से नई दिशा दी। उनके इसी सराहनीय प्रयास को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विगत 25 जनवरी को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें सम्मानित किया।
जानकारी के अनुसार विवक देवी का विवाह वर्ष 1998 में मनोज यादव के साथ हुआ था। विवाह के बाद जब वह अपने ससुराल दोहटा टोला पहुंचीं तो परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। संयुक्त परिवार में ससुर कानन्द यादव, सास तारा देवी, एक देवर और तीन ननद के साथ रहते हुए उन्होंने जल्द ही घर की जिम्मेदारियों को समझ लिया। शुरुआती वर्षों में सामाजिक मर्यादाओं के कारण वह घर तक ही सीमित रहीं, लेकिन मन में कुछ करने की इच्छा लगातार बनी रही।
वर्ष 2006 में विवक देवी ने घर से ही महिलाओं के कपड़ों की सिलाई का काम शुरू किया। सिलाई का प्रशिक्षण उन्होंने अपने मायके बमबईया बाजीतपुर में ही लिया था। उन्होंने पूरे मनोयोग से इस कार्य को आगे बढ़ाया। धीरे-धीरे गांव और आसपास के इलाकों से भी सिलाई के लिए महिलाएं उनके पास आने लगीं। इससे परिवार की आय बढ़ने लगी और घर की आर्थिक स्थिति में सुधार आने लगा।

इसी दौरान उनके पति मनोज यादव दिल्ली में रहकर राजमिस्त्री का काम करते थे। विवक देवी की मेहनत से घर चलाने में पति को भी बड़ा सहयोग मिलने लगा। इससे उनका उत्साह और बढ़ गया। वर्ष 2009 में उन्होंने दस कट्ठा जमीन ठीका पर लेकर गेहूं और मकई की खेती शुरू कर दी। खेती से घर में अनाज की कमी दूर हो गई और बाजार से अनाज खरीदने की जरूरत समाप्त हो गई।
इसके बाद उन्होंने एक गाय भी खरीद ली और उसका दूध सेंटर पर देने लगीं। दूध बेचने से उन्हें हर महीने करीब छह हजार रुपये की अतिरिक्त आय होने लगी। इससे बच्चों के खान-पान और पढ़ाई की व्यवस्था भी बेहतर होने लगी।
सीमित शिक्षा के बावजूद विवक देवी ने पढ़ाई की महत्व को समझते हुए अपने प्रयास से मैट्रिक की परीक्षा भी पास की। वर्ष 2014 में जीविका से जुड़ने के बाद उन्होंने तिलक जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी लिमिटेड समूह का गठन किया। इस समूह में कुल 13 महिलाएं सदस्य बनीं और विवक देवी को सर्वसम्मति से समूह का अध्यक्ष चुना गया।
समूह के माध्यम से महिलाओं को मात्र एक रुपये सैकड़ा की दर से ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे समूह की महिलाएं सब्जी, केला और अन्य फसलों की खेती के साथ-साथ छोटी दुकानें चलाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। विवक देवी की प्रेरणा से कई महिलाएं आज अपने पैरों पर खड़ी हो चुकी हैं।

वर्तमान में विवक देवी मोख्तियारपुर, बनवारीपुर, चंदौर, मेहदौली और रसलपुर सहित पांच पंचायतों के सीएलएफ (क्लस्टर लेवल फेडरेशन) की अध्यक्ष हैं। वह लगातार गांव-गांव जाकर महिलाओं को स्वावलंबी बनने और छोटे-छोटे रोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
विवक देवी ने बताया कि दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आने-जाने का किराया, भोजन और ठहरने की व्यवस्था सरकार की ओर से की गई थी। उन्होंने कहा कि एक गरीब परिवार की महिला के लिए यह सम्मान बेहद गर्व की बात है। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन देश की राजधानी दिल्ली में उन्हें केंद्रीय मंत्री के हाथों सम्मान प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि अगर महिलाएं ठान लें तो वे अपने परिवार और समाज की तस्वीर बदल सकती हैं। उन्होंने क्षेत्र की अन्य महिलाओं से भी आत्मनिर्भर बनकर परिवार की जिम्मेदारी निभाने और आगे बढ़ने की अपील की।
