गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
क्षेत्र में युवाओं के बीच सूखे नशे का बढ़ता चलन चिंता का विषय बनता जा रहा है। नशीली गोलियां, कैप्सूल, पाउडर, गांजा, स्मैक समेत अन्य मादक पदार्थों की ओर युवाओं का बढ़ता रुझान न केवल उनके भविष्य के लिए खतरा पैदा कर रहा है, बल्कि परिवार और समाज के सामने भी एक गंभीर चुनौती खड़ी कर रहा है।
जानकारों की मानें तो पहले नशे का सेवन सीमित दायरे तक ही देखने को मिलता था, लेकिन अब इसकी पहुंच स्कूली और कॉलेज के छात्रों तक भी हो गई है। नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता, गलत संगति, बेरोजगारी, मानसिक तनाव और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को इसके पीछे प्रमुख कारण माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में नशे की लत के कारण चोरी, मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाओं में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। नशे की गिरफ्त में आए युवाओं के स्वभाव और व्यवहार में बदलाव आने से परिवारों में तनाव बढ़ रहा है और सामाजिक असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है।
अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों के भविष्य को लेकर काफी चिंतित हैं। उनका मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो इसके दूरगामी दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं। लोगों ने प्रशासन से नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी पर सख्त कार्रवाई करने तथा युवाओं को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है।
स्थानीय बुद्धिजीवियों का भी मानना है कि परिवार, समाज, विद्यालय और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से ही युवाओं को नशे की इस गिरफ्त से बचाया जा सकता है और उन्हें एक स्वस्थ एवं बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर किया जा सकता है।
