नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता नावकोठी/ बेगुसराय
नावकोठी प्रखंड कार्यालय स्थित ई-किसान भवन, नावकोठी में कृषि विभाग द्वारा कृषि जन कल्याण चौपाल सह खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड कृषि पदाधिकारी रौशन कुमार ने की।
अपने संबोधन में प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने कहा कि बेगूसराय जिला उपजाऊ मिट्टी, पर्याप्त भूगर्भीय जल और खेती के अनुकूल जलवायु जैसी प्राकृतिक सुविधाओं से समृद्ध है। इसके बावजूद अधिकांश फसलों का उत्पादन राष्ट्रीय औसत से काफी कम है, जिससे किसानों की आय भी अपेक्षाकृत कम बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य कारण किसानों द्वारा आज भी पारंपरिक एवं पुरानी तकनीकों से खेती करना है। खेती को लाभदायक बनाने के लिए किसानों को रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक एवं पुनर्जीवित (रीजनरेटिव) खेती को अपनाना चाहिए। उन्होंने मिट्टी प्रबंधन, बीज उपचार तथा जैविक खाद के प्रयोग पर विशेष जोर दिया।

प्रखंड तकनीकी प्रबंधक विवेकानंद सिंह ने किसानों को जीवामृत, बीजामृत, मिट्टी जांच, घन जीवामृत, अग्नेयास्त्र और स्टिकी ट्रैप के उपयोग की जानकारी दी। साथ ही खरीफ मौसम में अनुदानित दर पर मक्का, धान एवं मरुआ की खेती करने तथा कृषि यंत्रों पर उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
सहायक तकनीकी प्रबंधक सोनल सिंह ने खेत बचाओ अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेत केवल जमीन का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि किसानों की आजीविका, देश की खाद्य सुरक्षा और हमारी सांस्कृतिक विरासत का आधार हैं। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण, अतिक्रमण, भूमि कटाव, जल संकट और कृषि भूमि के गैर-कृषि उपयोग के कारण खेती योग्य भूमि लगातार घट रही है। यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में खाद्यान्न संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने जल संरक्षण, मिट्टी संरक्षण, वृक्षारोपण और वैज्ञानिक खेती को अपनाने पर बल देते हुए किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में अंचलाधिकारी सूरज कुमार, कृषि समन्वयक प्रिंस कुमार, किसान सलाहकार श्रवण कुमार, कृषक शंभू सहनी, प्रीति देवी, मंजू देवी, राजकुमारी देवी, संजीव कुमार, विपिन कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।


