रेड क्रॉस पदाधिकारी ने कहा – 70 किलोमीटर /घंटा की रफ्तार से गिरता है फल, हादसे की आशंका
विजय भारती ब्यूरो AV भारत न्युज बेगुसराय
भगवानपुर ताड़ के पेड़ों से गिरने वाले फलों को लेकर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, लखीसराय इकाई के संयुक्त सचिव मोहम्मद कमाल हसन ने चिंता जताई है। उन्होंने जिला प्रशासन से सड़क किनारे, विद्यालय मार्गों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर लगे ताड़ के पेड़ों का सर्वे कर सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
कमाल हसन ने कहा कि अभी जून महीना चल रहा है और ताड़ के फल पकने में समय है। जिले की लगभग हर पंचायत में ऐसे ताड़ के पेड़ हैं जिनके नीचे से रोजाना स्कूली बच्चे, राहगीर और वाहन गुजरते हैं। ऐसे में कोई भी हादसा हो सकता है। समाजसेवियों, वार्ड पार्षदों, मुखियाओं, सरपंचों और जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र में ऐसे पेड़ों की पहचान कर पहल करनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि ताड़ का एक फल 1 से 3 किलो तक का होता है। जब यह 50 से 65 फीट या उससे ऊंचे पेड़ से गिरता है तो जमीन तक पहुंचते-पहुंचते उसकी रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाती है। यह रफ्तार सड़क पर दौड़ रही मोटरसाइकिल के बराबर है। यदि यह फल किसी के सिर या शरीर पर गिर जाए तो गंभीर चोट, हड्डी टूटने और जान का खतरा भी बन सकता है।
कमाल हसन ने प्रशासन से आग्रह किया है कि स्कूलों, मुख्य सड़कों, बाजारों और भीड़ वाले इलाकों के पास स्थित ताड़ के पेड़ों का चिन्हित कर समय रहते जाली लगाना, घेरा बनाना या फल तोड़ने जैसे सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि किसी अप्रिय घटना को टाला जा सके।ज्ञात हो कि मोहम्मद कमाल हसन प्रखंड क्षेत्र के समस्तीपुर गांव के निवासी हैं, और वे हमेशा से आम आवाम की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुखरित होते रहे हैं।


