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गोपल्लव झा AV भारत न्युज संवाददाता वीरपुर/बेगूसराय
वीरपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित पश्चिम पंचायत के हाथी घर के समीप आयोजित नौ दिवसीय श्रीमदभागवत कथा के चौथे दिन श्रधालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी!

भागलपुर से पधारे कथा वाचक किशोरी वैदेही शरण जी माहाराज ने श्रीमदभागवत कथा के प्रसंग में ब्रह्मा जी से हनुमानजी के द्वारा वरदान मांगने और आज के कलयूगी भक्त के भगवान के प्रति भाव के साथ निंदा करने वाले व्यक्तियों के चाल चरित्र, सुतजी और सुकदेव के ब्रातालाप, भगवान के अवतार धरा धाम पर क्यों से संबंधित प्रसंगों को सुनाते हुए उन्होंने भगवान के 24 अवतार, दत्तात्रेय अवतार के साथ पति ब्रता अनसुईया, अनसुईया के द्वारा त्रिदेव ब्रह्मा, विशणु, और शिवजी को बालक स्वरूप बनाने से लेकर त्रिवेदीयों के आग्रह पर त्रिदेवों को वास्तविक रूप धारण करने के साथ चतुर माश उसके महत्व, उस मास में कौन-कौन सा ब्रत, पुजा, अनुष्ठान और उस मास में विशेष पूजा योग्य देवी, देवताओं से संबंधित भक्ति भाव से विभोर हो रहे श्रोताओं को संगीत मय कथा और प्रवचन के माध्यम से कहा।

मनुष्य को बेहतर जिंदगी जीने इसके लिए भक्ति मार्ग पर चलने, और सद बिचार से ही लोक परलोक के साथ समाज में पद प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।
मौके पर पूर्व मुखिया पंकज कुमार सिंह, रणजीत पंडित, टुन टुन पंडित, कैलाश राय, शिवजी शर्मा, शिझक प्रभात कुमार, पैक्स अध्यक्ष प्रमोद चौधरी, राम सेवक पंडित, डॉ राम आह्लाद राय, प्रभात कुमार के शहित हजारों श्रधालु मौजुद थे।


