अशोक कुमार ठाकुर AV भारत न्युज संवाददाता तेघड़ा /बेगूसराय
चक्रवर्ती तूफान मोंथा के प्रभाव से पिछले कई दिनों से रुक-रुक कर बारिश और तेज हवा ने किसानों की धान की फसल बर्बाद कर दी है। जिससे खेतों में तैयार धान की फसल गिरकर सड़ने लगी है। जिससे किसान प्रभावित हुए हें।
लगातार बारिश से मुसहरी के खेतों में पकी फसल साड़ी
मुसहरी गांव के किसान दिनेश राय के खेत में लगभग तीन बीघा में पककर तैयार धान की पूरी फसल बर्बाद हो गई है। किसान ने बताया कि लगातार बारिश से उनकी सारी मेहनत बेकार हो गई है कई स्थानों पर काट कर रखे गए फसल के ढ़ेर भी पानी में भीगकर सड़ रहे हें।
कटाई और रबी की बुवाई दोनों पर संकट ,किसने की बढ़ी चिंता
किसानों का कहना है कि छठ पर्व के बाद आमतौर पर धान की कटाई शुरू हो जाती है। लेकिन इस बार बे मौसम बारिश ने कटाई को बाधित कर दिया है। इसके साथ ही रवि की फसल की बुवाई पर भी संकट खड़ा हो गया है
भीगी फसल की गुणवत्ता घटी, मूल्य गिरने की आशंका
किसानों को आशंका है कि भीगी हुई फसल की गुणवत्ता घटने से उसकी कीमत भी काफी कम मिलेगी। इस प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों में निराशा का माहौल है।
गौरा मौजा के किसान गिरीश राय, सुधीर राय विनोद कुमार मिश्रा उर्फ गोरेलाल आदि ने बताया कि धान के साथ-साथ सब्जी उत्पादकों को भी गहरा नुकसान हुआ है। खेतों में जलभराव के कारण गोभी, टमाटर ,बैगन आदि सब्जियों की जड़ें सड़ने लगी हैं, जिससे आने वाले दिनों में बाजार में सब्जियों की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है।
प्रशासन से मुआवजे की मांग, कृषि विभाग ने दी राहत और बचाव की सलाह
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का सर्वेक्षण कर किसानों को मुआवजा दिया जाए। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी विजय कुमार सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि जैसे ही मौसम सामान्य हो, वे खेतों से पानी की निकासी कर लें और कटी फसलों को सुरक्षित स्थान पर सुखाने की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि विभाग किसानों की हानि का आकलन कर हरसंभव सहायता दिलाने का प्रयास करेगा।
