नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता नावकोठी/ बेगुसराय
15वें वित्त आयोग की राशि से महेशवारा पंचायत में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत निर्मित अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई भवन अब धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। निर्माण के कुछ ही वर्षों बाद भवन की स्थिति जर्जर हो गई है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
भवन की छत पर लगी लोहे की चादरें टूटकर उड़ चुकी हैं, जबकि निम्न गुणवत्ता के निर्माण के कारण फर्श का प्लास्टर भी जगह-जगह से टूटने लगा है। हालत यह है कि भवन की नियमित देखरेख नहीं होने से इसकी स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि बहियार में स्थित होने के कारण यह भवन किसानों और मजदूरों के लिए आंधी, तूफान, ठनका और बारिश के दौरान राहत एवं सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण साधन था। लेकिन जर्जर हालत के कारण अब इसका उपयोग करना भी मुश्किल हो गया है।
महेशवारा निवासी मणि सिंह ने भवन के निर्माण के कुछ वर्षों बाद ही इस तरह खंडहर में तब्दील हो जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई के सुचारु संचालन और किसानों के हित को देखते हुए भवन की जल्द मरम्मत कर इसे उपयोग के योग्य बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने संबंधित विभाग और प्रशासन से इस ओर ध्यान देते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।


