पूर्व छात्र शशांक शेखर ने छात्रों को दिए साइबर ठगी से बचाव के महत्वपूर्ण टिप्स
विजय भारती ब्यूरो AV भारत न्युज बेगुसराय
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराध, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, ऑनलाइन ठगी, फेक प्रोफाइल, डीपफेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित धोखाधड़ी जैसी चुनौतियों को देखते हुए प्रखंड क्षेत्र के रघुनंदनपुर, तेघड़ा स्थित सेंट जोसेफ अकादमी में कक्षा 7 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए “Cyber Awareness, Digital Safety & Responsible AI” विषय पर विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन साइबर वाणी फाउंडेशन द्वारा किया गया।
कार्यशाला को विशेष बनाने के लिए फाउंडेशन के संस्थापक एवं विद्यालय के पूर्व छात्र शशांक शेखर ने स्वयं विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया। उल्लेखनीय है कि शशांक शेखर ने वर्ष 2016 में इसी विद्यालय से दसवीं की पढ़ाई पूरी की थी। अपने पुराने विद्यालय लौटकर उन्होंने छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि वास्तविक घटनाओं और लाइव डेमो के माध्यम से यह भी बताया गया कि साइबर अपराधी फर्जी लिंक, एपीके फाइल, क्यूआर कोड, ओटीपी, सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग, एआई और डीपफेक जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार कैसे बनाते हैं। साथ ही यह भी समझाया गया कि थोड़ी-सी सतर्कता अपनाकर इन अपराधों से आसानी से बचा जा सकता है।
शशांक शेखर ने विद्यार्थियों से कहा कि आज सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि सीखने, नए अवसर तलाशने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने का एक सशक्त मंच भी है। इसलिए इसका उपयोग हमेशा जिम्मेदारी, संयम और सकारात्मक सोच के साथ करना चाहिए। उन्होंने डिजिटल पहचान की सुरक्षा, मजबूत पासवर्ड का उपयोग, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, साइबर बुलिंग से बचाव तथा एआई का जिम्मेदार और रचनात्मक उपयोग करने की सलाह दी।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों, शिक्षकों और विद्यालय के कर्मचारियों को यह भी जानकारी दी गई कि यदि किसी के साथ ऑनलाइन वित्तीय ठगी, सोशल मीडिया अकाउंट हैक होने या किसी अन्य प्रकार का साइबर अपराध होता है, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें तथा cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
विद्यालय के निदेशक जी. आर. जॉर्ज ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ डिजिटल सुरक्षा की जानकारी भी उतनी ही आवश्यक हो गई है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को तकनीक का सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग करना सिखाते हैं तथा उन्हें भविष्य की डिजिटल चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।
विद्यालय के प्राचार्य सत्येंद्र कुमार झा ने कहा कि यह विद्यालय के लिए गर्व की बात है कि इसी संस्थान का एक पूर्व छात्र आज साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है और अपने विद्यालय लौटकर नई पीढ़ी का मार्गदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि शशांक शेखर की सफलता विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि छोटे गांव से निकलकर भी बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार ने साइबर वाणी फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता जताई।
साइबर वाणी फाउंडेशन के संस्थापक शशांक शेखर ने कहा कि उनका संकल्प है कि जिस-जिस घर तक इंटरनेट पहुंच चुका है, वहां तक साइबर सुरक्षा और जिम्मेदार एआई उपयोग की सही जानकारी भी पहुंचे। इसी उद्देश्य के साथ फाउंडेशन बिहार के गांवों, स्कूलों और समुदायों में लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है।


