नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता बेगूसराय
बेगूसराय के बहुचर्चित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की वार्डन रिंकू कुमारी की मौत के मामले में करीब पांच वर्ष बाद बड़ा खुलासा हुआ है। मगध क्षेत्र के डीआईजी विकास वैभव के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में यह निष्कर्ष सामने आया है कि रिंकू कुमारी ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उनकी हत्या की गई थी। मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
गौरतलब है कि वीरपुर थाना क्षेत्र के मुजफ्फर गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की वार्डन रिंकू कुमारी की 4 अप्रैल 2021 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उस समय पुलिस ने मामले की जांच के बाद इसे आत्महत्या मानते हुए अपनी कार्रवाई पूरी कर दी थी।
बाद में पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर इस मामले की दोबारा जांच के लिए डीआईजी विकास वैभव के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी की विस्तृत जांच में सामने आया कि रिंकू कुमारी की गला दबाकर हत्या की गई थी। जांच में यह भी पाया गया कि घटना के बाद शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया था।
एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।


