गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्लास्टिक से बने तिरंगे झंडे का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की गई। राजकीयकृत मध्य विद्यालय घाघड़ा एवं मॉडल स्कूल घाघड़ा में प्रेरक शिक्षक वसंत कुमार ने सैकड़ों छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और प्लास्टिक के झंडे से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि हमारा राष्ट्रीय ध्वज देश के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है। तिरंगा राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है, इसलिए राष्ट्रीय पर्व के दौरान प्लास्टिक के झंडे का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। प्लास्टिक से बने झंडे आसानी से नष्ट नहीं होते हैं, ऐसे में राष्ट्रीय पर्व के बाद इनके उचित और सम्मानजनक निपटान में भी परेशानी होती है।
उन्होंने कहा कि देश तभी महान बन सकता है, जब यहां के लोग अपने राष्ट्रीय प्रतीकों का उचित सम्मान करें। देशभक्ति केवल दिखावे की चीज नहीं, बल्कि इसे अपने दिल में धारण करने की जरूरत है। हम अपने स्तर से बेहतर कार्य कर और देश व मानवता के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर राष्ट्र को मजबूत बना सकते हैं।
वहीं शिक्षक सज्जन सदा ने कहा कि राष्ट्रीय त्योहार समाप्त होने के बाद कई जगहों पर प्लास्टिक के तिरंगे इधर-उधर गिरे हुए दिखाई देते हैं। इससे राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की संभावना बनी रहती है। साथ ही प्लास्टिक का कम से कम इस्तेमाल करना पर्यावरण और स्वच्छता की दृष्टि से भी जरूरी है।
मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षक एवं सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद थे।


