अशोक कुमार ठाकुर AV भारत न्युज संवाददाता तेघड़ा/ बेगुसराय
तेघड़ा प्रखंड अंतर्गत गौरा एक बड़ी कुआं पोद्दार भवननगर स्थित गीता पाठशाला ने रविवार को अपने 10वें वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजन किया, जो आध्यात्मिक ऊर्जा, सेवा भावना और प्रेम के अद्भुत संगम का प्रतीक बना। यह आयोजन न केवल संस्था के समर्पित सफर का उत्सव था, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव और आध्यात्मिक जागरण का भी संदेश लेकर आया। वार्षिकोत्सव की शुरुआत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुई, जिसने उपस्थित सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। केक काटकर सभी भाई-बहनों ने इस पावन अवसर की खुशियों को साझा किया, जिससे माहौल उल्लास और प्रेम से भर गया।
बेगूसराय सेवा केंद्र से पधारी बी.के. जयश्री बहन ने उपस्थित श्रद्धालुओं को परमात्मा शिव की दिव्य वाणी सुनाई और गीता पाठशाला के उद्देश्य—जनकल्याण, चरित्र निर्माण और आध्यात्मिक उन्नति—पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी को अपने संकल्पों को शुद्ध ज्ञान स्वरूप बनाने और कमजोरियों को जड़ से समाप्त करने का प्रेरक आह्वान किया। उन्होंने बताया कि ब्रह्माकुमारी संस्था का मुख्यालय माउंट आबू में है, जहां सन् 1937 से विश्व सेवा का पवित्र कार्य निरंतर चल रहा है। यह गीता पाठशाला पिछले 10 वर्षों से गौरा शाखा में संचालित है। उन्होंने समझाया कि परमात्मा शिव ज्योति बिंदु स्वरूप हैं और हम सभी आत्माएं उसी दिव्य ज्योति का अंश हैं, जिनका उद्देश्य है प्रेम, सेवा और शांति का संदेश फैलाना।
इस अवसर पर गीता पाठशाला के बी.के. भाई-बहनों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी को प्रेमपूर्वक ब्रह्मभोजन कराया गया, जिसने आपसी भाईचारे और एकता की भावना को और मजबूत किया। साथ ही अनेक भाई-बहनों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए। गीता पाठशाला की संचालिका बी.के. सुनीता बहन ने बताया कि यह वार्षिकोत्सव ब्रह्माकुमारी संस्था के निस्वार्थ सेवा भाव, गहरे आध्यात्मिक मूल्यों और समाज को बेहतर दिशा देने की प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बना। मंच संचालन बी.के. डॉक्टर शंभू पोद्दार एवं बी.के. ऋषि ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉक्टर प्रेम प्रकाश, डॉक्टर अनामिका कुमारी एवं राजकुमार आजाद ने सभी को स्वस्थ जीवन जीने की खास बातें बताते हुए प्रेम, सेवा और आत्मज्ञान के पथ पर अग्रसर रहने के प्रति विस्तारपूर्वक विचार व्यक्त किए।
