नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता नावकोठी/बेगूसराय
आस्था का महापर्व छठ को शांतिपूर्ण और सुरक्षित रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन मुस्तैद है।पर्व नजदीक है। चार दिवसीय पर्व का आज दूसरा दिन खरना है। लेकिन छठ घाट की तैयारी नहीं हो सकी है।नावकोठी के नौ पंचायतों में पहसारा पूर्वी पंचायत को छोड़कर महेशवाड़ा, पहसारा पश्चिम, डफरपुर,नावकोठी, हसनपुर बागर, रजाकपुर,विष्णुपुर और समसा बुढ़ी गंडक में किनारे अवस्थित है। यहां की अधिकांश छठवर्ती नदी में सूर्यास्त और सूर्योदय के अर्ध्य देते हैं। अंतिम समय में नदी का पानी बढ़ जाने के कारण महेशवाड़ा से नावकोठी होते हुए समसा तक बुढ़ी गंडक नदी के दर्जनों घाट खतरनाक स्थिति में है। इसके लिए प्रशासन के द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई है। यद्यपि सीओ, बीडीओ, थाना अध्यक्ष बराबर दौड़ा कर रहे हैं। लेकिन कोई नई व्यवस्था नहीं हो सकी है। लोगों के हाल पर छठ पूजा को छोड़ दिया गया है। सरकार और प्रशासन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था अभी तक नहीं की गई है। लोग निजी स्तर पर पर्व को संपन्न कराने की तैयारी कर रहे हैं। इसी कड़ी में नावकोठी बाजार की पश्चिमी छोड़पर बेगूसराय के प्रसिद्ध चिकित्सक डा केके सिंह की पुरानी आवासीय मैदान में जेसीबी से बाजार के युवकों ने दो लंबी चौड़ी खाई खोद कर पोखर का रूप दिया जा रहा है। सार्वजनिक छठ पूजा बाजार समिति नावकोठी के अध्यक्ष आशीष कुमार और महासचिव संतोष कुमार ने बताया कि बाजार के लोग आपस में चंदा कर जेसीबी से खाई करवाया गया है। इसमें बोर्डिंग से पानी भरा जाएगा। इस स्थान को साफ सफाई कर इसे सजाया जा रहा है। छठवर्ती सूर्यास्त और सूर्योदय का अर्ध्य इसी पोखर में देंगे। इस काम में सचिव विकास कुमार, कोषाध्यक्ष मनोज कुमार आदि लोग युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं और लोगों से करवा रहे हैं।
