गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
श्री विश्व बंधु पुस्तकालय में आजीवन सदस्यों का मतदाता पुनर्नवीकरण शुल्क को लेकर विवाद तेज हो गया है। पूर्व सचिव आलोक आर्यन, नीरज नवीन, प्रशांत सोनी, समीर श्रवण सहित कई सदस्यों ने संरक्षण समिति को आवेदन देकर तत्कालीन निर्वाचन पदाधिकारी भोला चौधरी पर मनमानी वसूली, अनियमितता और नियम उल्लंघन के आरोप लगाए हैं।
सदस्यों के अनुसार 13 नवंबर 2023 की आमसभा में शुल्क सिर्फ सुझाव के रूप में रखा गया था। इसे न तो अनिवार्य बनाया गया और न ही इस पर मतदान हुआ था। बावजूद इसके पदाधिकारी ने 2025–26 के चुनावों में इसे अचानक लागू कर दिया और शुल्क न जमा करने पर सदस्यों के नाम मतदाता सूची से हटाने का पत्र जारी कर दिया, जिसे सदस्य गैर-वाजिब और असंवैधानिक बता रहे हैं।सदस्यों का कहना है कि दो वर्षों तक न कोई सूचना दी गई और न ही कार्यकारिणी को निर्देश।
पुस्तकालय के संविधान के अनुसार ऐसे निर्णय केवल आमसभा की स्वीकृति से लागू होते हैं, किसी एक पदाधिकारी द्वारा नहीं।सदस्यों ने संचालक मंडल और संरक्षण समिति से मामले में हस्तक्षेप, मनमानी वसूली पर रोक, तथा निर्णय की समीक्षा कर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि संस्था की पारदर्शिता बनी रहे।
