नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता नावकोठी/बेगूसराय
नावकोठी प्रखण्ड क्षेत्र अन्तर्गत पहसारा के कृषक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को साकार करने में जुटे हैं। प्राथमिक कृषि साख सहयोग समिति लिमिटेड पटसन के खेती को बढ़ावा देने के लिए अग्रसर है।
पैक्स अध्यक्ष रणवीर कुमार ने बताया कि केंद्रीय मंत्री सह सांसद बेगूसराय गिरिराज सिंह के सौजन्य से पहसारा पश्चिम निवासी बबलू कुमार पिता रामरीझन सिंह के द्वारा कुल एक बीघे ज़मीन में पटसन की खेती का ट्रायल किया गया।पटसन से जूट का बोरा, फैंसी बैग, वस्त्र,थैला,जूट के रेशों से बोरे,रस्सी,कालीन सहित कई अन्य उत्पाद बनते हैं। यानि पर्यावरण संरक्षण में भी पटसन महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का कार्य करती है।
एक बीघे जमीन में पटसन की खेती करने पर 10 से 12 हजार रुपए मात्र खर्च होता है।पटसन की खेती मात्र 90 दिनों में होता है।वहीं आमदनी 35 से 40 हजार रुपए प्रति बीघा होता है।पटसन (जूट)की खेती किसानों के लिए कई मायनों में फायदेमंद है,क्योंकि यह एक नगदी फसल है जो खेत की उर्वरता बढ़ाती है।मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करती है और खाली पड़े खेतों में अतिरिक्त आय का जरिया बनती है।
यह पर्यावरण के अनुकूल फसल है,जिसका उपयोग विभिन्न उद्योगों में होता है और यह किसानों की आय बढ़ाने में काफी मदद करती है।यानी प्रधानमंत्री किसानों के आमदनी को दोगुना कर रहे हैं।
इसका समर्थन मूल्य ए ग्रेड 6000से 6500प्रति क्विंटल, बी ग्रेड 5000 से 6000 प्रति क्विंटल और सी ग्रेड 3500 से 4000 प्रति क्विंटल है। खरीफ सीजन में इसकी खेती की जाती है।पटसन की खेती किसानों के लिए आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों दृष्टिकोण से फायदेमंद है जो उन्हें एक ही फसल से कई तरह के लाभ देती है।
