गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
नगर विकास विभाग, बिहार सरकार द्वारा ठंड के मौसम में गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के रात्रि विश्राम के लिए संचालित रैन बसेरा, बखरी में गंभीर खामियां सामने आई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार रैन बसेरा अधिकांश समय बंद रहता है, जिससे राहगीर, ठेला–रिक्शा चालक और जरूरतमंद लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। बताया जा रहा है कि रैन बसेरा में सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप आवश्यक सुविधाएं और सामान उपलब्ध नहीं हैं। कई मीडिया रिपोर्टों में भी रैन बसेरा के संचालन में लापरवाही और अनियमितता को उजागर किया गया है।
इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए नगर परिषद की पार्षद एवं सशक्त स्थायी समिति की पूर्व सदस्य अनारसी देवी ने अनुमंडल पदाधिकारी से जांच की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में रैन बसेरा के संचालन को केवल कागजी खानापूर्ति बताते हुए सिटी मैनेजर और कार्यपालक पदाधिकारी की भूमिका को भी संदेहास्पद बताया है। साथ ही सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए दोषियों पर कार्रवाई और भविष्य में ऐसे दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग की है।
वहीं भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद नीरज नवीन ने आरोप लगाया कि नगर परिषद बखरी द्वारा रैन बसेरा सहित लगभग एक दर्जन सरकार पोषित योजनाओं में बड़े पैमाने पर सरकारी राशि का बंदरबांट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रैन बसेरा, सफाई व्यवस्था, शौचालय निर्माण, नाला निर्माण, आवास योजना, वर्ष 2017 के आवास लाभार्थियों का भुगतान, बाजार की भूमि की मापी जैसे कई महत्वपूर्ण मामलों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।
नीरज नवीन ने बताया कि इन सभी विषयों से बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास मंत्री विजय कुमार सिन्हा को अवगत कराया जाएगा और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।फिलहाल रैन बसेरा की बदहाल स्थिति ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
