गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
बखरी न्यायालय में 52 वर्षों से लंबित एक जमीनी विवाद से जुड़े गाली-गलौज एवं मारपीट के मामले में आखिरकार फैसला सुनाया गया। यह मामला नालसी संख्या 343C/1974 से संबंधित है, जिसमें जयप्रकाश राय बनाम योगेंद्र राय एवं राजेंद्र राय शामिल थे।प्राप्त जानकारी के अनुसार जय प्रकाश राय ने जमीनी विवाद को लेकर हुए विवाद में गाली-गलौज और मारपीट का आरोप लगाया गया था। इस मामले में न्यायालय द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 323 एवं 352 के तहत सुनवाई की गई।
मामले की सुनवाई न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी विशाल सिंहा की अदालत में हुई। करीब पांच दशकों से अधिक समय तक चली लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान एवं उपलब्ध अभिलेखों का सूक्ष्म अवलोकन करते हुए अपना फैसला सुनाया।
न्यायालय ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में सभी अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया। इस मामले में अभियुक्त पक्ष को न्याय पाने के लिए 52 वर्षों तक लंबा इंतजार करना पड़ा। 52 वर्षों बाद आए इस फैसले से न केवल पक्षकारों को राहत मिली है, बल्कि यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय भी बना हुआ है। यह निर्णय न्यायिक प्रक्रिया की जटिलता और लंबी समयावधि को दर्शाता है, साथ ही यह संदेश भी देता है कि देर से ही सही, न्याय अंततः मिलता है।
