गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजनान्तर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, जयलख बालक बखरी के छात्र-छात्राओं ने ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय, राजगीर एवं पावापुरी का शैक्षणिक परिभ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य बच्चों को बिहार की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से परिचित कराना था।
भ्रमण के प्रथम चरण में टूरिस्ट गाइड संजय कुमार ने छात्रों को प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय का संपूर्ण भ्रमण कराया। उन्होंने बच्चों को नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना, विदेशी यात्री ह्वेनसांग, यहाँ स्थित विशाल पुस्तकालय, विद्वान शिक्षक एवं छात्र, अध्ययन-अध्यापन प्रणाली तथा पूजा-पद्धति के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
इस दौरान बच्चों को विश्व के प्राचीनतम विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास की संपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।इसके पश्चात बच्चों ने राजगीर स्थित रत्नागिरी पहाड़ी पर बने विश्व शांति स्तूप का भ्रमण किया। सफ़ेद संगमरमर से निर्मित यह विशाल स्तूप बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। यहाँ की शांति, प्रार्थना और ड्रम की गूंज ने बच्चों को विशेष रूप से प्रभावित किया।भ्रमण के अंतिम चरण में छात्र-छात्राएँ जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के निर्वाण (मोक्ष) स्थल पावापुरी पहुँचे, जहाँ स्थित जल मंदिर का दर्शन किया।यह स्थल जैन धर्म का एक अत्यंत पवित्र, ऐतिहासिक एवं सुंदर तीर्थ स्थल है।
इस शैक्षणिक भ्रमण में बच्चों के साथ प्रधानाध्यापक दशरथ राय, पूनम कुमारी, शिवम चौरसिया एवं विजय लक्ष्मी कुमारी भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने पूरे भ्रमण के दौरान छात्रों का मार्गदर्शन किया।
