नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता बेगुसराय
आगामी 9 मई को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए एडीजे मंझौल संजय कुमार सिंह ने 29 मई को एडीजे चेंबर में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं,पुलिस अधिकारियों तथा पत्रकारों के साथ बैठक किया।
बैठक में एडीजे संजय कुमार सिंह ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में पुलिस अधिकारी,अधिवक्ता एवं पक्षकार महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं।न्यायिक प्रक्रिया में पुलिस अधिकारियों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है।अधिवक्ताओं के बिना न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ नहीं सकती है।पक्षकारों को कन्वेंस करते हुए 9 मई को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक सुलहनीय वादों को आपसी समझौते से निष्पादित करना मुख्य उद्देश्य है। राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से न्यायालयों में मुकदमों की बोझ को कम करना भी उद्देश्य है। राष्ट्रीय लोक अदालत के फायदे एवं महत्व को जन- जन तक पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका है। न्यायालय में मुकदमों की संख्या कम होने पर पीड़ितों को समय पर त्वरित न्याय मिलेगा।
एडीजे ने अधिवक्ताओं, पुलिस अधिकारियों एवं मीडिया कर्मियों से सहयोग की अपील किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से ससमय नोटिस भेजने के साथ पक्षकारों को सुलह के लिए सकारात्मक संदेश भेजना की भी बात कही। उन्होंने प्रिंट इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया कर्मियों द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व एवं उनके फायदे को जन-जन तक पहुंचाने एवं सुलह के लिए प्रेरित करने की अपील किया।
एडीजे ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में बिना खर्च का मुकदमों का निष्पादन होता है तथा राष्ट्रीय लोक अदालत के द्वारा निष्पादित मुकदमों का कहीं भी अपील नहीं होता है। बैठक में न्यायिक अधिकारियों ने गंभीर मामलों में ही भादवि की धारा 307 लगाने का पुलिस अधिकारियों को सुझाव दिया। अधिवक्ताओं,न्यायिक अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों ने भी अपने-अपने सुझाव एवं अनुभव शेयर किया।
बैठक में एसीजेएम अवनींद्र प्रकाश, एसडीजेएम मुकेश कुमार, एसडीपीओ मंझौल नवीन कुमार, मंझौल सर्कल के पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार, मंझौल थानाध्यक्ष फैसल अहमद अंसारी, प्रभारी थानाध्यक्ष चेरिया बरियारपुर, खोदाबंदपुर तथा छौड़ाही थानाध्यक्ष, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अध्यक्ष विजय किशोर झा,सचिव सुरेश प्रसाद सिंह, अधिवक्ता दिलीप चौधरी,परमानंद चौधरी,मनोज कुमार आदि मौजूद थे
