नवीन कुमार मिश्र AV भारत न्यूज संवाददाता नावकोठी/बेगूसराय
प्रखंड क्षेत्र के पहसारा पश्चिम में शनिवार को खरीफ कृषि जनकल्याण चौपाल सह खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व पैक्स अध्यक्ष रणवीर कुमार ने की। इसमें किसानों को आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाकर उत्पादन बढ़ाने तथा कृषि लागत कम करने के उपाय बताए गए।
बीटीएम विवेकानंद सिंह ने कहा कि जिले में उपजाऊ मिट्टी, पर्याप्त भूगर्भीय जल एवं अनुकूल जलवायु होने के बावजूद अधिकांश फसलों की उत्पादकता राष्ट्रीय औसत से कम है। उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती और पुरानी तकनीकों के कारण किसानों की आय प्रभावित हो रही है। किसानों को रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग छोड़ प्राकृतिक एवं पुनर्जीवित खेती अपनाने की सलाह दी।
एटीएम सोनल सिंह ने मिट्टी प्रबंधन, बीज उपचार, जैविक खाद के उपयोग, जीवामृत, बीजामृत, घन जीवामृत, अग्नेयास्त्र तथा स्टिकी ट्रैप के उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खरीफ मौसम में किसानों को अनुदानित दर पर धान, मक्का एवं मरुआ के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही विभिन्न कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान की भी जानकारी दी।
खेत बचाओ अभियान के तहत वक्ताओं ने कहा कि कृषि भूमि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। बढ़ते शहरीकरण, भूमि कटाव, जल संकट और कृषि भूमि के गैर-कृषि उपयोग से खेती योग्य भूमि लगातार घट रही है। इससे बचाव के लिए जल एवं मिट्टी संरक्षण, वृक्षारोपण तथा वैज्ञानिक खेती अपनाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में अंचलाधिकारी सूरज कुमार, कृषि समन्वयक सुरेंद्र कुमार, किसान सलाहकार प्रेमचंद गुप्ता, दीपक कुमार, राम कुमार, मुकुंद कुमार झा, योगेंद्र प्रसाद सिंह, सोनी कुमारी, मीना देवी सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।


