विजय भारती ब्यूरो AV भारत न्यूज
मिथिला सहित पुरे भारत में इस वर्ष का अंतिम चंद्रग्रहण आज यानी रविवार को लगने जा रहा है। यह खग्रास चंद्रग्रहण है जो मिथिला में रात्रि 9:58 में स्पर्श करेगा तथा रात्रि 1: 25 में मोक्ष मिलेगा। इसका सूतक ग्रहण काल से ठीक 9 घंटे पहले अर्थात 12:57 से आरंभ होगा जो ग्रहण समाप्त होते ही समाप्त हो जायेगा। चंद्रग्रहण के दौरान राहू व केतु चंद्रमा पर नकारात्मक प्रभाव डालता है जिसके कारण नकारात्मक उर्जा का संचार होता है। इसलिए इसे अशुभ काल माना जाता है।

यही वजह है कि इस दौरान किसी भी प्रकार का शुभकार्य वर्जित रहता है। विशेषकर पूजा पाठ तो करना ही नहीं चाहिए साथ ही इस दौरान स्नान,शयन, मल-मूत्र त्याग,दान, भोजन आदि करना वर्जित रहता है। लेकिन बच्चे, वृद्ध तथा बीमार व्यक्ति के लिए यह नियम का पालन करना जरूरी नहीं माना जाता है, वहीं गर्भवती महिलाओं को इस दौरान विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत होती है तथा उन्हें तेज़ हथियारों से भी दूर रहने की आवश्यकता है। ग्रहण काल में मंदिर का कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इस बार ग्रहण काल में रक्तिम चंद्र का दर्शन होगा जो अद्भुत होगा। यह ग्रहण जहां लोगों के लिए मानसिक पीड़ा उत्पन्न कर सकता है वहीं अधिक बारिश, अग्निकांड, बीमारी का फैलना, अधिक महंगाई तथा सीमा पर तनाव व युद्ध जैसा हालात उत्पन्न कर सकता है। लेकिन गुरु के रक्षात्मक प्रभाव से बचाव की भी सम्भावना प्रबल है।
