अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक समरसता का त्रिवेणी संगम
अशोक कुमार ठाकुर AV भारत न्यूज़ संवाददाता तेघड़ा। बेगूसराय
बरौनी के ओटीसी परिसर में 13 सितंबर से आरंभ हुआ 47 बिहार बटालियन एनसीसी का दस दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत होकर एक अनुकरणीय आयोजन के रूप में प्रतिष्ठित हो चुका है। भागलपुर क्षेत्र के विविध शिक्षण संस्थानों से आए 503 कैडेट्स इस शिविर में अनुशासन, आत्मबल और नेतृत्व के गुणों को आत्मसात कर रहे हैं। शिविर का वातावरण जहाँ एक ओर सैन्य अनुशासन की दृढ़ता से गुंजायमान है, वहीं दूसरी ओर सांस्कृतिक गतिविधियों की सजीवता से सुसंस्कृत हो रहा है। परेड, ड्रिल, शस्त्र संचालन, प्राथमिक चिकित्सा, मैप रीडिंग और शारीरिक प्रशिक्षण जैसे विविध आयामों के माध्यम से कैडेट्स को बहुआयामी दक्षता प्रदान की जा रही है।

इसके साथ ही व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व कौशल, देशभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों को सुदृढ़ करने हेतु विशेष व्याख्यानों एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया गया है। शिविर में स्वच्छता अभियान और पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक सरोकारों को भी समाहित कर युवाओं को समग्र नागरिकता की ओर उन्मुख किया जा रहा है। कैंप कमांडेंट कर्नल जितेंद्र सिंह राना ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि ऐसे शिविर युवाओं को न केवल अनुशासित जीवन की ओर प्रेरित करते हैं, अपितु उन्हें राष्ट्रनिर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी हेतु तैयार करते हैं। शिविर के दौरान आयोजित प्रतियोगिताएँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सामाजिक गतिविधियाँ कैडेट्स के बहुआयामी विकास को सुनिश्चित कर रही हैं। यह प्रशिक्षण शिविर 22 सितंबर तक जारी रहेगा, जिसमें कैडेट्स शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक दृढ़ता अर्जित कर एक आदर्श नागरिक बनने की दिशा में अग्रसर होंगे। बरौनी की यह धरती आज उस चेतना की साक्षी बन रही है, जहाँ अनुशासन, सेवा और नेतृत्व के मूल्यों से युक्त युवा पीढ़ी राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रही है।
