मुहम्मद फैज AV भारत न्युज संवाददाता दलसिंहसराय/ समस्तीपुर
दलसिंहसराय शहर के हर मोड़ पर आपको डॉक्टर की एक क्लिनिक नजर आएगी, जिसमें एक डॉक्टर बैठते हैं। जो डॉक्टर फर्जी होते हैं। माना जाए तो कुछ ही डॉक्टर ऐसे हैं जो फर्जी नहीं हैं। बाकी 99% डॉक्टर जो क्लिनिक खोलकर बैठे हुए हैं, सब फर्जी हैं। एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें दलसिंहसराय शहर के व्यापार मंडल रोड में साक्षी हॉस्पिटल के डॉक्टर ने कुछ महीने पहले दलसिंहसराय शहर के क्वेटा निवासी एक महिला की बच्चेदानी निकाल दी। जिसको लेकर परिजनों की तरफ से एक आवेदन दिया गया। पूरी प्रक्रिया के बाद रविवार को पुलिस ने साक्षी हॉस्पिटल के डॉक्टर रंजीत कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं बता दें कि हर जगह पर आपको फर्जी डॉक्टर के क्लिनिक मिलेंगे, जो आपको देखने को मिलते रहेंगे।
आपको बता दें कि साल में लगभग प्रसूति महिला और बच्चों के क्लिनिक में किसी न किसी कारण से मृत्यु हो जाती है। कारण सिर्फ और सिर्फ फर्जी डॉक्टर। आखिरकार स्वास्थ्य विभाग क्या कर रहा है? दलसिंहसराय अनुमंडल बीच शहर में है और यहां के डीएस और मैनेजर जैसे अधिकारी क्या कर रहे हैं? जांच क्यों नहीं करते हैं? जाने जाते रहते हैं और ये सब अधिकारी देखते रहते हैं। आखिरकार स्वास्थ्य विभाग कर क्या रहा है? दलसिंहसराय अनुमंडल अस्पताल के अधिकारी जांच करके फिर वापस चले जाते हैं। वह भी पूरी तरह अच्छी तरह से जांच नहीं करते हैं।
इस तरह की घटना का श्रेय सिर्फ दलसिंहसराय के डीएस और मैनेजर को जाता है।
आखिरकार सही से जांच क्यों नहीं करते हैं? जिसके कारण यह लापरवाही होती है, जिससे कई बच्चों और महिलाओं की जान चली जाती है। जब जान चली जाती है तो लोग सड़क पर उतर आते हैं। और पुलिस मुंह देखते रहती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दलसिंहसराय शहर के सभी फर्जी डॉक्टर और फर्जी क्लिनिक की जांच करनी चाहिए और कड़ी से कड़ी सजा दिलवानी चाहिए। तभी जाकर दलसिंहसराय शहर के फर्जी डॉक्टर और क्लिनिक का सफाया हो पाएगा और जानें नहीं जाएंगी।
