भोर में निकली किशोरी, चार दिनों तक नहीं लौटी, परिजनों की आंखें दरवाज़े पर टिकी
अशोक कुमार ठाकुर AV भारत न्युज संवाददाता तेघड़ा /बेगूसराय
तेघड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत धनकौल पंचायत के आलापुर गांव से एक किशोरी के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है. 19 वर्षीय निधी कुमारी उर्फ खुशी, पिता राजकुमार पोद्दार, गत 5 अक्टूबर को सुबह करीब 4 बजे फूल तोड़ने के बहाने घर से निकली और फिर कभी वापस नहीं लौटी.
परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला. किशोरी के चाचा पवन पोद्दार ने पत्रकारों को बताया कि 4 अक्टूबर की देर शाम खुशी की अपने बड़े भाई अनिकेत से किसी बात को लेकर नोंकझोंक हुई थी. इसके ठीक बाद वह अगली सुबह साढ़े चार बजे घर से निकल गई.
परिजनों ने बताया कि वह शांत स्वभाव की, ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा है और कभी घर से बाहर नहीं जाती थी. खोजबीन के दौरान दो सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं. पहला फुटेज किरतौल लीची गाछी मार्ग का है, जिसमें करीब सुबह 5 बजे खुशी जाती हुई दिख रही है. दूसरा फुटेज पकठौल-नूनपुर मार्ग का है, जिसमें वह सुबह 9 बजे के करीब दिखाई दी.
इन दोनों फुटेज ने मामले को और रहस्यमय बना दिया है. इधर, इस संबंध में खुशी की गुमशुदगी को लेकर स्थानीय तेघड़ा थाना में लिखित शिकायत दर्ज किशोरी के चाचा पवन पोद्दार ने कराई है.
मामले में कांड संख्या 321/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान प्रारंभ कर दिया है. परिजनों ने त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए लड़की की सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई है.
यह मामला न सिर्फ एक परिवार की पीड़ा है, बल्कि पुलिस प्रशासनिक तत्परता की परीक्षा भी. सवाल यह है कि क्या लापता निधी को समय रहते खोजा जा सकेगा, या यह घटना भी आंकड़ों में गुम हो जाएगी?
जबकि परिजनों की आंखें दरवाज़े पर टिकी हैं. जबकि स्थानीय लोगों में घटना को लेकर चिंता का माहौल है. लोगों में जितनी मुंह उतनी बातें हो रही है. यथा, क्या प्रशासन जागेगा? क्या इकलौती बेटी निधी को ढूंढ पाएगी पुलिस?
