विजय भारती ब्यूरो AV भारत न्युज बेगुसराय
कार्तिक माह बीतने को है। वहीं रबी फसल की बुआई भी अब सिर माथे पर है लेकिन बहियार में जलजमाव होने से बुआई पर संकट छाया हुआ है। प्रखंड क्षेत्र स्थित अतरुआ, सतराजेपुर, चुरामनचक, पाली, तेयाय, मल्हीपुर , दादपुर आदि बहियार में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। जलजमाव में ही किसान खरीफ फसल को किसी तरह काटकर घर लाया। मकई तो किसी तरह घर आ गया लेकिन गेंहू की बुआई कैसे होगी क्षेत्र के किसान इसको लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं। जलजमाव के कारण बहुत किसान सरसों की बुआई नहीं कर सके।उपर वाले भाग में जहां जमीन सुखा हुआ है वहां तो बुआई कर दी गई है लेकिन नीचला भाग जो बहुत बड़ा भूभाग है तथा उसी में उपजाऊ भूमि भी है वहां जलजमाव के कारण सरसों की बुआई नहीं हो सका है।आलू तथा मकई की बुआई भी पीछे हो रहा है।

विदित हो कि उपरोक्त बहियार में गेहूं का पैदावार अच्छा होता है। वहीं सरसों व आलू की उपज अच्छी ही होती है। हां अच्छी उपज के लिए समय पर बुआई मायने रखता है।उक्त बहियार में जमा पानी धीरे-धीरे पाली स्थित सूलिस गेट से नदी में निकल रहा था लेकिन इधर गंडक नदी में पानी बढ़ने से बलान व बैंती नदी में भी पानी बढ़ गया है तथा बढ़ ही रहा है, जिसके कारण अब बहियार का पानी नदी में नहीं जा पा रहा है। उल्टे बहियार में नदी का पानी ही आने लगा था।इस वजह से गेट को बंद कर दिया गया है। पानी निकासी का दूसरा विकल्प था चुरामनचक मुसहरी बहियार के रास्ते कठरिया की ओर निकासी करना लेकिन वह भी कुछ कारणों से नहीं हो पा रहा है। उपरोक्त बहियार में एक महीने से ज्यादा समय से जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। क्षेत्र के किसान बिंदेश्वरी तांती,कमली पंडित, अनिल प्रसाद आदि ने कहा कि पानी का निकाश तत्काल नहीं होने से इसे सूखने में कम से कम एक महीना का समय लगेगा। उपरोक्त लोगों ने कहा कि जो स्थिति बनी हुई है इस स्थिति में अगहन मास में भी गेहूं की बुआई नहीं हो सकेगा।
