नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता बेगुसराय
लोक आस्था का महापर्व छठ आज से आरंभ गया।लोक आस्था का महापर्व चार दिवसीय छठ कार्तिक शुक्ल चतुर्थी से शुरू होकर सप्तमी तक श्रद्धा,भक्ति व तप का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है।
आज नहाय- खाय के साथ इसकी शुरुआत हुई।व्रती महिलाएं गंगा या पवित्र नदी-तालाब में स्नान कर पवित्रता का संकल्प लेकर कद्दू-भात प्रसाद के रूप में ग्रहण करेंगी।
पहला दिन – नहाय-खाय 25 अक्टूबर, दूसरा दिन – खरना 26 अक्टूबर, तीसरा दिन –संध्या अर्घ्य 27 अक्टूबर और चौथा दिन –उषा अर्घ्य 28 अक्टूबर के साथ छठ का समापन होगा।
पहला दिन नहाए खाए को अरबा चावल,चना दाल और कद्दू की सब्जी का प्रसाद ग्रहण किया जाता है।दूसरे दिन पूरे दिन निराहार रहने के बाद शाम को व्रती गुड़ और चावल की खीर,रोटी और केला से प्रसाद बनाकर पूजा करती हैं।तीसरा दिन व्रती महिलाएं सूर्यास्त के समय अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देती हैं।वहीं चौथा व अंतिम दिन प्रातः काल उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।इसके साथ ही चार दिवसीय आस्था का पावन व्रत छठ पूर्ण होता है।
संध्या अर्घ्य 5:10 मिनट से शुरू और उषा अर्घ्य सुबह लगभग 5:49 से शुरू होगा। वहीं व्रति महिलाओं की पारंपरिक मधुर छठ गीतों से टोला-मुहल्ला में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
