गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित ‘पुरुष नसबंदी पखवाड़ा’ अब एक बड़े सामाजिक अभियान का रूप ले चुका है। पखवाड़े के दौरान जिला मुख्यालय से लेकर सबसे दूर स्थित पंचायतों तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
यह अभियान सिर्फ स्वास्थ्य कार्यक्रम न होकर सामुदायिक सहभागिता का उत्सव बन गया है। ग्रामीण इलाकों में लोगों की समझ और सोच बदलने के लिए सतत प्रयास जारी हैं।इसी कड़ी में मंगलवार को चकहमीद पंचायत के बहोरचक मुशहरी में ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लेकर खुलकर परिवार नियोजन और पुरुष नसबंदी पर चर्चा की।चौपाल का संचालन पंचायत प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य कर्मियों और सामाजिक संगठनों की संयुक्त टीम ने किया। इसमें सीएचओ राजीव रेड्डी, बीसीएम रतन कुमार और पिरामल फाउंडेशन के दीपक मिश्रा के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम तथा आशा फैसिलिटेटरों ने सक्रिय योगदान दिया।
इस मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीपक ने कहा “समाज में पुरुष नसबंदी को लेकर कई अनावश्यक डर और भ्रांतियाँ व्याप्त हैं। चौपालों के माध्यम से हम यह संदेश देना चाहते हैं कि पुरुष नसबंदी एक साधारण, सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्ण प्रक्रिया है। इससे महिलाओं के स्वास्थ्य तथा उनके जीवन की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होता है।”
