विजय भारती ब्यूरो AV भारत न्युज बेगुसराय
भगवानपुर प्रखंड क्षेत्र के संजात पंचायत में बुधवार को आत्मा बेगूसराय द्वारा कृषि जन कल्याण चौपाल एवं बसंतिक-रबी अभियान 2025 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, सूक्ष्म सिंचाई, जैविक खेती तथा मशरूम उत्पादन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड तकनीकी प्रबंधक शाश्वत कुमार ने की। उन्होंने कहा कि फसलों की बेहतर पैदावार के लिए समय पर और उचित मात्रा में सिंचाई बेहद जरूरी है। सिंचाई कम या अधिक होने से फसल को गंभीर नुकसान हो सकता है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 90 प्रतिशत अनुदान पर आधुनिक सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्प्रिंकलर और रेनगन से खेतों में समान रूप से पानी पहुंचता है, जबकि ड्रिप सिंचाई से पानी सीधे पौधों की जड़ में जाता है, जिससे जल की काफी बचत होती है। उन्होंने कहा कि जिले के कई इलाकों में नहर और नलकूप जैसी सिंचाई सुविधाएं सुलभ नहीं हैं, जिससे किसानों को निजी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ता है और खेती की लागत बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि ड्रिप प्रणाली से गन्ना, केला, सब्जी और बागवानी फसलों की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। वहीं स्प्रिंकलर और रेनगन विधि से धान, गेहूं और सब्जियों की सिंचाई में लागत घट रही है, जो महंगे डीजल के समय में किसानों के लिए लाभकारी है। कृषि समन्वयक पवन कुमार ने किसानों को जैविक खेती के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने जैव-उर्वरकों द्वारा बीज उपचार, बीज टीकाकरण और मिट्टी जनित रोगों से बचाव के तरीकों पर विस्तृत चर्चा की।
उन्होंने कहा कि दलहनी फसलों के लिए राइजोबियम तथा अनाज वाली फसलों के लिए एजेक्टोबेक्टर/एजोस्पाइरिल्लम कल्चर से बीज उपचार करने से फसल स्वस्थ होती है तथा पौधों को बेहतर पोषण मिलता है। उन्होंने रबी बीज वितरण, कृषि यंत्रीकरण तथा मिट्टी जांच योजना की जानकारी भी किसानों को दी। सहायक तकनीकी प्रबंधक राजू कुमार ने मशरूम उत्पादन पर किसानों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि ऑयस्टर (ढ़ींगरी) मशरूम की खेती पूरे वर्ष की जा सकती है। इसके लिए 20 से 30 डिग्री तापमान और 70 से 90 प्रतिशत आद्र्रता उपयुक्त रहती है।
उन्होंने कहा कि कम लागत, कम समय और कम जगह में तैयार होने के कारण यह किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन रहा है। किसान कृषि विज्ञान केंद्र या आत्मा विभाग से मशरूम खेती का प्रशिक्षण लेकर अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं। मौके पर किसान चौपाल में चरण शर्मा, चंदेश्वरी पासवान, राजीव कुमार झा, सुनीता देवी, पंचायत के जनप्रतिनिधि, किसान सलाहकार रामकुमार महतो सहित सैकड़ों महिला एवं पुरुष किसान मौजूद रहे।
