गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
बखरी प्रखंड के बागवन पंचायत स्थित महादलित टोला में यक्ष्मा (टीबी) जागरूकता एवं जाँच शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीपक कुमार सिंह ने बताया कि संपूर्णता अभियान 2.0 की अवधि 28 जनवरी से 14 अप्रैल तक निर्धारित है। अभियान के तहत नीति आयोग द्वारा चिन्हित पाँच प्रमुख कार्यक्रमों में स्वास्थ्य को एक अहम घटक के रूप में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है और इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
स्वास्थ्य प्रबंधक सुरेंद्र कुमार ने सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों से अपील की कि वे इस अभियान को पूर्ण रूप से सफल बनाने में अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएँ। इसी क्रम में बागवन पंचायत में टीबी जाँच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों ग्रामीणों को यक्ष्मा से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई।
शिविर के दौरान 102 संदिग्ध मरीजों का डिजिटल एक्स-रे एआई तकनीक के माध्यम से निःशुल्क किया गया, जबकि दर्जनों संदिग्ध मरीजों को आगे की जाँच हेतु बलगम परीक्षण के लिए चिन्हित किया गया।

यक्ष्मा पर्यवेक्षक रणधीर कुमार ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि तपेदिक रोग से घबराने की आवश्यकता नहीं है। यदि किसी व्यक्ति में दो सप्ताह से अधिक समय तक खाँसी, बलगम में खून आना, छाती में दर्द, वजन कम होना, गर्दन के आसपास गांठ, या भूख कम लगना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बखरी में बलगम की जाँच अवश्य करानी चाहिए।
जाँच के उपरांत मरीजों को निःशुल्क दवा, पोषण सहायता तथा डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि पूरा इलाज लेने पर टीबी को पूरी तरह हराया जा सकता है और “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” अभियान में आमजन की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में कमलेश कुमार, लैब टेक्नीशियन मुकेश कुमार, मोहम्मद राजा, अमन कुमार, अविनाश कुमार, आशा कार्यकर्ता मंगिया देवी एवं फार्मासिस्ट प्रभात कुमार का सराहनीय योगदान रहा।
