गोपल्लव झा AV भारत न्युज संवाददाता वीरपुर/बेगुसराय
वीरपुर प्रखंड के गेंन्हरपुर पंचायत के वार्ड संख्या 11 में बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल-जल योजना’ पूरी तरह से ठप हो गई है। बीते करीब 45 दिनों से लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को अब रोजमर्रा के काम के लिए भी पानी की भारी किल्लत झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर वे कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। वार्ड सदस्य शवाना बेगम, संतोष झा, पवितर यादव, राम बहादुर साह और गोपाल झा समेत दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि उनकी बात कहीं सुनी ही नहीं जा रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि जब वे शिकायत लेकर जनप्रतिनिधियों के पास जाते हैं तो उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के बाद एक दिन कुछ लोग आए और मोटर आदि खोलकर ले गए, लेकिन उसके बाद से स्थिति और भी खराब हो गई है।
लोगों के अनुसार, वार्ड में नल-जल योजना के तहत लगाए गए बोरिंग, पंप और फिल्टर शुरू से ही ठीक ढंग से काम नहीं कर रहे थे। पिछले एक साल से ऑपरेटर को भी नियमित मानदेय नहीं मिला है। वहीं, पाइपलाइन बिछाने के दौरान ठेकेदार द्वारा तोड़ी गई सड़क अब तक नहीं बनाई गई, जिससे लोगों को आवागमन में भी परेशानी हो रही है।
इस भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम में पानी का संकट लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि आखिर वे अपनी शिकायत लेकर जाएं तो कहां जाएं, किसी स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीएचडी विभाग की ओर से कभी कोई जांच नहीं की जाती और न ही जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देते हैं।
