गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
राजकीयकृत मध्य विद्यालय, घाघरा में पुस्तक सप्ताह के समापन के अवसर पर छात्रों को पुस्तकों और बाल साहित्य की अनोखी दुनिया से परिचित कराने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सैकड़ों छात्र-छात्राओं के बीच बाल पत्रिका चुनमुन, उड़ान तथा अन्य बाल साहित्य का वितरण शिक्षक बसंत कुमार और सज्जन सदा द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में छात्रों को किताबों के महत्व के प्रति प्रेरित करते हुए शिक्षक बसंत कुमार ने कहा कि पुस्तकें जीवन की सच्ची मित्र होती हैं। वे हमें सही दिशा दिखाती हैं और हमारे विचारों को समृद्ध बनाती हैं।
उन्होंने बच्चों को किताबें पढ़ने की आदत विकसित करने और मोबाइल से दूरी बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में मोबाइल, सोशल मीडिया और छोटे-छोटे वीडियो हमारी जिंदगी का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं, ऐसे में किताबें हमें ठहरकर गहराई से सोचने का अवसर देती हैं। किताबें धैर्य सिखाती हैं, सोचने की क्षमता बढ़ाती हैं और हमारी कल्पनाओं को नई उड़ान देती हैं।
शिक्षक सज्जन सदा और प्रतिमा कुमारी ने भी बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि एक अच्छी पुस्तक पढ़कर आज भी सकारात्मक बदलाव महसूस किया जा सकता है।
बाल्यकाल में पढ़ी गई कहानियां हमारे मन-मस्तिष्क में गहराई से बस जाती हैं और व्यक्तित्व निर्माण के साथ-साथ सोचने-समझने की शक्ति का विस्तार करती हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को स्कूली जीवन से ही बाल साहित्य पढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए।
प्रभारी प्रधानाध्यापक कौशल किशोर क्रांति ने इस तरह के कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इससे बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ती है। उन्होंने छात्रों को विद्यालय में उपलब्ध पुस्तकों का अधिक से अधिक उपयोग करने की सलाह दी।
