गोपल्लव झा AV भारत न्युज संवाददाता वीरपुर/बेगूसराय
वीरपुर प्रखंड क्षेत्र के महिनाथ स्थान, वीरपुर में आयोजित सात दिवसीय श्रीविष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंगलवार की रात्रि अयोध्याधाम से पधारे कथावाचक गुरुणेशजी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति और धर्म का संदेश दिया।
अपने प्रवचन में उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत रूपी दिव्य किरण मनुष्य के भीतर व्याप्त विकारों और अज्ञान को दूर करती है। भगवान, उनके भक्तों तथा उनके सगे-संबंधियों की महिमा का विस्तृत वर्णन श्रीमद्भागवत महापुराण में मिलता है। उन्होंने कहा कि कई जन्मों के पुण्य के फलस्वरूप ही मनुष्य को श्रीमद्भागवत कथा श्रवण का सौभाग्य प्राप्त होता है।

कथावाचक ने कहा कि भगवान का स्मरण करने से जीवन के दुखों का निवारण होता है। इस संसार में प्रत्येक जीव किसी न किसी रूप में दुखी है और हरि भजन के बिना सच्चा सुख संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि सृष्टि की उत्पत्ति, पालन और संहार तीनों भगवान के अधीन हैं।
कथा प्रारंभ होने से पूर्व आयोजन समिति की ओर से सभी आचार्यों का मिथिला पाग, चादर एवं पुष्पमाला पहनाकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। इस अवसर पर पंडित राजगुरु, पूर्व मुखिया पंकज कुमार सिंह, अनिता देवी, मीनू देवी, विनोद कुमार, रामूर्ति सिंह, शिक्षक रंजन कुमार झा, सर्वेश झा, राम आह्लाद राय, श्यामनंदन झा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
