गोपल्लव झा AV भारत न्युज संवाददाता वीरपुर/ बेगुसराय
वीरपुर स्थित महिनाथ स्थान में आयोजित सात दिवसीय श्रीविष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा का श्रवण करने के लिए आसपास के गांवों सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
अयोध्याधाम से पधारे कथावाचक गरुणेशजी महाराज ने रविवार की देर संध्या प्रवचन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि एक बार वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण गोपियों के साथ रासलीला कर रहे थे, जिसमें केवल स्त्रियों को ही प्रवेश की अनुमति थी। इस दिव्य लीला के दर्शन के लिए भगवान शिव ने गोपी का रूप धारण किया था। श्रीकृष्ण ने उन्हें पहचान लिया और स्नेहपूर्वक गोपेश्वर कहकर संबोधित किया। तभी से भगवान शिव गोपेश्वर महादेव के नाम से विख्यात हुए।

कथावाचक ने उपस्थित श्रद्धालुओं को नशापान से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य को सदैव धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के व्रज से मथुरा प्रस्थान, कंस वध, जरासंध से युद्ध, द्वारिकापुरी की स्थापना तथा रुक्मिणी विवाह की कथा का भी भावपूर्ण वर्णन किया।
इस अवसर पर पंडित राजगुरु, पूर्व मुखिया पंकज कुमार सिंह, अनिता देवी, उपमुखिया मीनू देवी, सरपंच दयानंद झा, विनोद कुमार, राममूर्ति सिंह, पूरन झा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
