नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता नावकोठी/बेगुसराय
नावकोठी प्रखंड क्षेत्र के समसा महादेव स्थान में श्रीरामचरितमानस प्रचार संघ गोष्ठी, बिहार राज्य के बैनर तले श्रीरामचरितमानस गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अमरनाथ गोस्वामी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध रामायनिक अशोक सिंह उपस्थित रहे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में रामायण मर्मज्ञ, विद्वान एवं ग्रामीण श्रद्धालु मौजूद थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामायनिक अशोक सिंह ने कहा कि रामायण मानव जीवन को सही दिशा देने और जीवन जीने की कला सिखाने वाला महान ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान कलियुग में श्रीरामचरितमानस पर आधारित गोष्ठियों का आयोजन समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है। रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों का आधार है।
उन्होंने कहा कि श्रीरामचरितमानस हमें परिवार और समाज में रिश्तों का निर्वहन करना सिखाती है। इसमें भाई-भाई तथा पिता-पुत्र के संबंधों की मर्यादा और आदर्श का सुंदर वर्णन मिलता है। पश्चिमी सभ्यता के बढ़ते प्रभाव के बीच आज के समय में ऐसे आयोजनों की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। उन्होंने युवाओं से भी इन कार्यक्रमों से जुड़ने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की अपील की।
इस दौरान सुंदरकांड पाठ एवं मानस कथा का भी भव्य आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम में संत महंत भोला बाबू, कपिल देव पोद्दार, सुरेश महंत, सुशील भारती, किशोरी महंत, अमरनाथ गोस्वामी, लक्ष्मण गोस्वामी, गंगा पोद्दार, राजदेव महतो, राम उदय महतो सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।


