नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता नावकोठी/ बेगुसराय
शरदकालीन मौसम में अधिक से अधिक गन्ना लगाने,पैदावार बढ़ाने आदि को लेकर पहसारा में किसानों और चीनी मील के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई।गन्ना की खेती में लागत कम और पैदावार ज्यादा बढ़े साथ ही मजदूरों पर निर्भरता कम हो इस पर विचार विमर्श किया गया।
हसनपुर चीनी मिल के कार्यपालक अध्यक्ष अशोक मित्तल,ईख सलाहकार शंभू प्रसाद राय,ईख प्रबंधक अमित कुमार राय, ईख विकास अधिकारी रामनाथ सिंह बैठक में भाग लिया।
कार्यपालक महोदय ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र में अभी गन्ना सर्वे का कार्य चल रहा है।प्रत्येक किसान भाई अपने खेत का सर्वे करा लें।क्योंकि आपूर्ति का आधार सर्वे है।प्रत्येक खेत में कोराजन अवश्य लगाए।ध्यान रहे प्रति कट्ठा एक टंकी पानी में छह एम एल कोराजन या 2.5 एमएल टूबेन्टा का जड़ में नोज़ल हटा के ड्रेंचिंग करे। उसके उपरांत सिंचाई अवश्य करें। क्योंकि इस वर्ष चोटी बेधक कीट जिसे लोकल भाषा मैं गोब सुखाना कहते हैं।इसका उपद्रव ज्यादा है जिससे 30-40 प्रतिशत पैदावार घट जाता है।जिस खेत में घास है उसमें तुरंत घास निकाल कर प्रति बीघा दो बैग बायोपोटाश और 10 किलो कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट का प्रयोग कर सिंचाई करे।
चीनी मिल के अधिकारी से सम्पर्क कर गन्ने के पत्ती पर यूरिया+न्यूट्रीफास्ट+ कीटनाशक दवा का स्प्रे करे।किसान भाई अपने खेत का भ्रमण करते रहें।अगर कहीं पीले पत्ती या खेत के किसी कोने में गन्ने की वृद्धि नहीं हो रहा है तो तुरंत उस पर 2 एमएल इमिड प्रति लीटर पानी कीटनाशक दवा का पत्ती हटा कर स्प्रे कर दें।सलाहकार शंभू प्रसाद राय ने कहा कि शरदकालीन बुआई से पूर्व डिस्क प्लो द्वारा गहरी जुताई अवश्य करें।मजदूर की समस्या को देखते हुए आटोमैटिक केन कटर प्लांटर द्वारा गन्ने की रोपाई करें।जिससे मशीन द्वारा निराई गुराई, मिटी चढ़ाई और स्प्रे हो सके।
इस दौरान यशवंत कुमार, शंकर सिंह, भगवान सिंह, मनोज कुमार, सुबोध कुमार,चितरंजन कुमार सहित अन्य किसान मौजूद थे।


