6 मिनट में अस्पताल पहुंचाया, मां और नवजात दोनों स्वस्थ
विजय भारती ब्यूरो AV भारत न्युज बेगुसराय
मानवता और समय पर लिए गए सही निर्णय की एक मिसाल सोमवार सुबह भगवानपुर क्षेत्र में देखने को मिली। बनवारीपुर से प्रसव के लिए जा रही एक प्रसूता ने बीच रास्ते में चलती ई-रिक्शा में ही शिशु को जन्म दे दिया। ई-रिक्शा चालक मोहम्मद कमाल हसन की तत्परता से प्रसूता और नवजात दोनों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर बचा लिया गया।सोमवार सुबह लगभग 6:15 बजे बनवारीपुर वार्ड-11लड़वाडा गांव निवासी फरजाना खातून, पति- मोहम्मद नौशाद प्रसव के लिए अपने मायके प्रखंड क्षेत्र के बनवारीपुर वार्ड संख्या 11 से भगवानपुर पीएचसी जा रही थीं। उनके साथ तीन महिला परिजन और आशा कार्यकर्ता मुन्नी देवी भी ई-रिक्शा पर सवार थीं। ई-रिक्शा बनवारीपुर-भगवानपुर मार्ग पर जा रहा था।
चालक मोहम्मद कमाल हसन फरजाना खातून के भौजाई शबनम खातुन व फिरोजा खातुन के अनुसार, मध्य विद्यालय मेंहदौली से 100 गज दक्षिण मालती-पीपरा पथ पर फरजाना को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। वहां सड़क पर एक ट्रक भी लगी हुई थी।परिजनों के अनुरोध पर ई-रिक्शा तुरंत सड़क किनारे रोक दिया गया।
लगभग पांच मिनट के भीतर ही प्रसूता ने ई-रिक्शा में ही एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। इसके बाद बिना एक पल गंवाए परिजनों ने भगवानपुर अस्पताल चलने का आग्रह किया। चालक ने फुर्ती दिखाते हुए करीब छह मिनट में प्रसूता और नवजात को भगवानपुर पीएचसी पहुंचा दिया। शबनम खातुन ने बताया कि अस्पताल में उपस्थित महिला डॉक्टरों ने मां और बच्चे दोनों की समुचित जांच और देखभाल कर दवा देकर उन्हें सुरक्षित घर भेज दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों ने उक्त कार्य में एक पल भी नहीं लगाई।

शबनम खातून ने बताया कि फरजाना का यह चौथा बेटा है और मां-बेटा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने ई-रिक्शा चालक मोहम्मद कमाल हसन और स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति आभार जताया।
ई-रिक्शा चालक मोहम्मद कमाल हसन पेशे से चालक होने के साथ इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, लखीसराय के संयुक्त सचिव भी हैं। उन्होंने कहा, कि मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म है। संकट की घड़ी में हर संभव मदद करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
परिजनों ने भी चालक की सूझबूझ, संवेदनशीलता और समय पर सहायता की जमकर सराहना की। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सही समय पर लिया गया छोटा सा फैसला भी दो जिंदगियां बचा सकता है।


