नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता बेगूसराय
हौसले बुलंद हों और इरादे फौलादी,तो कामयाबी कदम चूमती ही है।इस कहावत को सच कर दिखाया है बेगूसराय जिले के डंडारी प्रखंड अंतर्गत मोहब्बा गांव का एक होनहार लाल ने।मोहब्बा निवासी विद्यानंद गिरी के पुत्र अखिलेश कुमार गिरी ने एक के बाद एक, लगातार दो बड़ी सैन्य परीक्षाओं में बाजी मारकर न सिर्फ अपने माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा किया है, बल्कि पूरे प्रखंड का नाम रोशन कर दिया है।
अखिलेश की इस दोहरी सफलता ने साबित कर दिया है कि ग्रामीण परिवेश में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, बस जरूरत है तो कड़े संकल्प और सही दिशा की।अखिलेश कुमार गिरी ने अपनी कड़ी मेहनत और अटूट लगन के बल पर सबसे पहले भारतीय थल सेना के कठिन परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा को पास कर सफलता हासिल की थी।
अभी परिवार और शुभचिंतक इस कामयाबी का जश्न मना ही रहे थे कि अखिलेश ने एक और बड़ी खुशखबरी दे दी। उन्होंने भारतीय जल सेना की परीक्षा में भी अपना लोहा मनवाया और अंतिम रूप से चयनित होकर देश सेवा का एक और बड़ा मार्ग प्रशस्त कर लिया। एक ही समय में देश की दो सबसे प्रतिष्ठित और गौरवशाली सेनाओं में चयन होना अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि है। जैसे ही अखिलेश के भारतीय नौसेना (जल सेना) में भी अंतिम रूप से चयनित होने की खबर मोहब्बा गांव पहुंची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई।
ग्रामीणों का कहना है: “अखिलेश ने बचपन से ही देश सेवा का सपना देखा था। उसकी इस दोहरी सफलता ने हमारे गांव को एक नई पहचान दी है। हमें अपने इस बेटे पर गर्व है।”अखिलेश के पिता विद्यानंद गिरी और उनके पूरे परिवार के लिए यह क्षण भावुक करने वाला और अत्यंत गौरवपूर्ण है। माता-पिता ने बेटे की इस सफलता पर ईश्वर का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह अखिलेश की दिन-रात की तपस्या का फल है।


