व्रत 10 अक्टूबर को
नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता नावकोठी/बेगुसराय
करवा चौथ की पूर्व संध्या पर बाजारों में जबरदस्त चहल-पहल रही।सुहागिन महिलाओं ने साज-सज्जा का सामान,सिन्दूर,चुनरी, मिट्टी के करवे,छलनी, पूजा थाल,फल, मिठाइयां और साड़ियां खरीदकर त्योहार की तैयारियां पूरी कीं।सुबह से ही बाजार में भीड़ शुरू हो गई थी और शाम तक सड़कों पर महिलाओं की भारी भीड़ देखने को मिली। ब्यूटी पार्लर,मेहंदी कलाकार और कॉस्मेटिक की दुकानों पर ग्राहकों की लाइनें लगी रहीं।महिलाएं पारंपरिक बेल-बूटों और अपने नाम के पहले अक्षर के डिजाइन से हाथों को सजा रही थीं।दुकानदारों ने बताया कि इस बार बिक्री पिछले सालों की तुलना में काफी बढ़ी है।विशेष रूप से साड़ियों,बिंदी, चूड़ी और मिठाइयों की मांग अधिक रही।
महिलाओं ने बताया कि करवा चौथ का व्रत केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं,बल्कि पति-पत्नी के बीच अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है।इस दिन सुहागिनें निर्जला व्रत रखती हैं और चंद्रमा के दर्शन के बाद अपने पति के हाथों से जल ग्रहण कर उपवास तोड़ती हैं।प्रखण्ड प्रमुख अनीता देवी ने कहा, करवा चौथ का व्रत हमारे जीवन में प्रेम और एकता का प्रतीक है।यह दिन हमारे लिए बहुत खास होता है, क्योंकि हम पूरे मन से अपने परिवार की सुख- शांति की प्रार्थना करते हैं।
