गोपल्लव झा AV भारत न्युज संवाददाता वीरपुर/बेगूसराय
वीरपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के आठवें दिन कथा वाचिका वैदेही शरण जी के द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के द्वारा वृंदावन, गोकुल फिर द्वारीका में किए गए अनेकानेक प्रेम कि कथा, भक्त के लिए कुछ भी करने को तैयार भगवान श्रीकृष्ण, गोपियों की वीरह, द्वारीका धिस बनने।

रूक्मिणी को मां कात्यायनी देवी की मंदिर से पुजा करने के दौरान ले भागने, फिर विवाह करने से संबंधित कथाओं को रोचकता के साथ संगीत मय तरीकों से मौजूद श्रौताओ का मन मुग्ध होते ही सभी नर-नारी अपने आपको सुध बुध खो कर नाचने गाने लगे।

जिससे मानों माहौल में चार चांद लग गए हों। मौके पर पूर्व मुखिया पंकज कुमार सिंह, पैक्स अध्यक्ष प्रमोद चौधरी, पुरूषोत्तम झा, रंजीत पंडित, टुनटुन पंडित, रामबाबू सेठजी, राम आधार राय समेत हजारों लोग मौजूद थे।
